मधेपुराः सिंहेश्वर धाम मंदिर में सावन की अंतिम सोमवारी पर सुबह भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोले बाबा को जल चढ़ाने के लिए मंदिर पहुंचे थे। इसी दौरान मंदिर के गेट पर अचानक भीड़ बढ़ गई। इससे अफरा-तफरी मच गई। घटना सुबह करीब 6:25 से 7 बजे के बीच की बताई जा रही है। मंदिर में प्रवेश के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ बेकाबू होने लगी। भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान कुछ श्रद्धालु नीचे गिर गए। भीड़ के दबाव में प्रशासन की बैरिकेडिंग भी टूट गई। इस दौरान लगभग आधा दर्जन श्रद्धालु गिरकर घायल हो गए।
घायलों में सहरसा के सोनबरसा थाना क्षेत्र के जलसीमा वार्ड 4 निवासी घायल रूना देवी, सुपौल के मानगंज निवासी सिन्टू कुमार, सिपाही सिद्धांत कुमार, सुलेना देवी शामिल है। भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान ड्यूटी में तैनात एक पुलिसकर्मी भी चोटिल हो गए। बताया गया कि भीड़ के दबाव में उनकी वर्दी तक फट गई। कई लोगों को भीड़ में दबने से चोट लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पल भर में ही वहां डर और चीख-पुकार का माहौल बन गया और लोग अपनों को बचाने में जुट गए। इस अफरा-तफरी में करीब आधा दर्जन श्रद्धालु चोटिल हो गए। घायलों में चार महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। सुरक्षा बलों ने भीड़ में दबी महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला।
सभी घायलों का इलाज मधेपुरा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर मधेपुरा डीएम, एसपी, एसडीएम और एसडीपीओ समेत प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर भीड़ को नियंत्रित किया गया और श्रद्धालुओं को दोबारा कतार में लगाकर जलाभिषेक कराया गया। मंदिर न्यास समिति और प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से धैर्य और शांति बनाए रखने की अपील की गई। अधिकारियों ने भीड़ को व्यवस्थित करने के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए व्यवस्था संभाली। घटना के तुरंत बाद पूरे मंदिर परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर कैंप कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अब मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है और भक्त शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन कर रहे हैं।