नागपुरः महाराष्ट्र के नागपुर जिले में क्लोरीन गैस के रिसाव से अफरा-तफरी का माहौल मच गया है। गैस रिसाव के कारण इलाके के कई लोगों की तबीयत खराब हुई। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। वहीं हादसे में तबीयत खराब होने से लोगों को उपचार के लिए अस्तपाल में भर्ती करवाया गया है। मिली जानकारी के अनुसार नागपुर के गोधानी इलाके में क्लोरीन गैस के रिसाव के बाद करीब 40 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मानकापुर पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर हरेश कलशेकर के मुताबिक, यह जल शुद्धिकरण संयंत्र गोंडी नगर पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आता है। पुलिस प्रशासन को रात करीब 12:45 बजे गैस रिसाव के बारे में सूचना मिली थी।
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— Encounter News (@encounternews2) August 24, 2026
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और आपातकालीन सेवाएं बिना समय गंवाए तुरंत मौके पर पहुंच गईं और राहत कार्य शुरू कर दिया। गैस के प्रभाव और खतरे को देखते हुए बचाव अभियान के दौरान घटनास्थल के चारों ओर 200 मीटर के दायरे को नो-मैन्स-लैंड घोषित कर दिया गया और वहां बैरिकेडिंग लगा दी गई। एहतियात के तौर पर स्थानीय निवासियों को तुरंत अपने घर खाली करने की सलाह दी गई। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए प्रभावित इलाके के लोगों को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है। खबरों के अनुसार, यह रिसाव गोधानी नगर पंचायत के पानी शुद्धिकरण प्लांट में हुआ, जिससे कई लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई। इससे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में काम करने वाले करीब 8-10 कर्मचारी और 20-25 स्थानीय निवासी इससे प्रभावित हुए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
गैस रिसाव के कारण बीमार पड़े चार से पांच लोग ICU में हैं, जबकि अन्य का इलाज चल रहा है। फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और बचाव व सुरक्षा अभियान चला रही हैं। अधिकारी एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाके से निवासियों को बाहर निकालने का काम भी कर रहे हैं। अधिकारी अभी भी प्रभावित लोगों की सही संख्या का पता लगा रहे हैं। प्रशासन के अनुसार, उनके इस त्वरित प्रयास से अब तक लगभग 90 प्रतिशत गैस रिसाव को सफलतापूर्वक रोक दिया गया है। गैस के संपर्क में आने से कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। प्रशासन ने कई लोगों को अस्पताल पहुंचाया, जबकि कुछ प्रभावित लोग खुद ही अस्पताल पहुंच गए।
वर्तमान में 40 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि 12 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। गंभीर रूप से प्रभावित तीन या चार मरीजों का आईसीयू में इलाज चल रहा है, लेकिन राहत की बात यह है कि सभी की हालत स्थिर बनी हुई है। हालांकि, इस दर्दनाक घटना में एक कुत्ते की मौत हो गई है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि अब हालात पूरी तरह से काबू में हैं और किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। पुलिस इंस्पेक्टर ने आम जनता से विशेष अपील करते हुए कहा है कि लोग शांत रहें और किसी भी तरह की अफवाहों पर बिल्कुल भी विश्वास न करें। स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।