देहरादूनः उत्तराखंड में मानसून ने दस्तक दे दी है। बीते दिन देहरादून में सुबह तेज धूप खिलने के बाद दोपहर तक बादलों ने आसमान में डेरा जमा लिया और शहर के कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा हुई। वहीं, रुड़की में झमाझम वर्षा से मौसम सुहावना हो गया। कुमाऊं में बारिश आफत बनकर बरस रही है। पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र में भारी वर्षा से आपदा जैसे हालात पैदा हो गए हैं। भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग और सीमा सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे चीन सीमा से संपर्क टूट गया है। वहीं, नैनीताल में मूसलाधार बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं और वीकेंड पर पहुंचे पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कुमाऊं के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में शनिवार रात 82 मिमी वर्षा दर्ज की गई। भारी बारिश के चलते टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर चट्टान खिसकने से यातायात ठप हो गया। मौसम विभाग ने बागेश्वर जिले के लिए आरेंज अलर्ट जारी करते हुए कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा की आशंका जताई है। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए बागेश्वर सहित 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। एहतियात के तौर पर कई जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। रुद्रप्रयाग, चमोली, चंपावत और नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की चेतावनी दी है। देहरादून से प्राप्त ऑरेंज अलर्ट के आधार पर विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। इसके तहत जनपद के कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, अशासकीय और निजी विद्यालय तथा सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।


