चंडीगढ़ः क़ौमी इंसाफ़ मोर्चा ने पंजाब के लोगों से 21 अगस्त को ‘पंजाब बंद’ ऐलान किया गया। इस संबंध में एक बड़ी घोषणा करते हुए, मोर्चे ने जनता और विभिन्न संगठनों से अपील की है कि वे इस बंद के आह्वान को सफल बनाने के लिए अपना समर्थन दें। बता दें कि कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शनकारियों ने पंजाब के राज्यपाल के आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की।
सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर निकले इस मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारी काले झंडे लेकर आगे बढ़ रहे थे। उनका कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात नहीं सुन रही। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के आमने-सामने आने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनका मार्च शांतिपूर्ण था।
जगतार सिंह हवारा के पिता बापू गुरचरण सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना उनका मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि वे तीन साल से ज्यादा समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही। बापू गुरचरण सिंह ने कहा, ‘डेमोक्रेसी में शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट हमारा फंडामेंटल राइट है। हम 3 साल से ज़्यादा समय से यहां शांति से बैठे हैं, लेकिन सरकार हमें इंसाफ देने को तैयार नहीं है। इसीलिए, इंडिपेंडेंस डे पर, हमने काले झंडे लेकर शांतिपूर्ण मार्च और प्रोटेस्ट किया।’

