चंडीगढ़: कौमी इंसाफ मोर्चा ने स्वतंत्रता दिवस पर चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अपनी सजा पूरी करने के बावजूद जेलों में बंद सिख कैदियों की रिहा नहीं किया जा रहा। वहीं पुलिस द्वारा पूर्व सासंद सिमरनजीत सिंह मान को हिरासत में लिया गया। बीमार अवस्था में सिमरनजीत सिंह मान मोर्चे में शामिल होने पहुंचे थे। ऐसे में प्रदर्शनकारियों ने पंजाब लोकभवन की तरफ कूच किया। कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने मोहाली बॉर्डर पर बैरिकडेकिंग कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
कौमी इंसाफ मोर्चा प्रदर्शनकारियों ने किया पथराव, पुलिस ने चलाया वाटर कैनन, छोड़े आंसू गै/स के गो/ले#KaumiInsaafMorcha #Protest #PoliceAction #WaterCannon #TearGas pic.twitter.com/5UZ4aHHjgH
— Encounter Newspaper (@encounter_md) August 15, 2026
कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़ की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिसके बाद मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। जवाब में कुछ प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पथराव किया गया। पंजाब के मोहाली में सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा के करीब 2,000 प्रदर्शनकारी जुटे हैं। बैरियर के आसपास बैरिकेडिंग की गई और स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए गए।
कुछ पुलिसकर्मियों को जालीदार उपकरण भी पहनाए गए, ताकि धारदार वस्तुओं से संभावित हमले से बचाव हो सके। जगतार सिंह हवारा के पिता गुरचरण सिंह ने कहा कि उनकी मांगें लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि मोर्चा लंबे समय से शांतिपूर्वक धरना दे रहा है और उसका उद्देश्य हिंसा करना नहीं है। उनके मुताबिक, बंदी सिखों की रिहाई मुख्य मांग है। उन्होंने एक कैदी के लिए 10 दिन की पैरोल की मांग भी रखी है, ताकि वह गंभीर रूप से बीमार मां से मिल सके। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड पार नहीं करने की चेतावनी दी है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और जबरन कूच की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

