चंडीगढ़, 4 जून, 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को बढ़ावा देने वाली दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की। पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने शंभू बॉर्डर पर एक भव्य वेलकम गेट के निर्माण और श्री आनंदपुर साहिब हेरिटेज स्ट्रीट परियोजना के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य पंजाब की समृद्ध विरासत, धार्मिक महत्व और सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया के सामने बेहतर तरीके से प्रस्तुत करना है।
श्री आनंदपुर साहिब में बनेगी हेरिटेज स्ट्रीट
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने श्री आनंदपुर साहिब में प्रस्तावित हेरिटेज स्ट्रीट परियोजना को मंजूरी दी। यह हेरिटेज स्ट्रीट किला श्री आनंदगढ़ साहिब, तख्त श्री केशगढ़ साहिब, गुरुद्वारा सीसगंज साहिब और गुरुद्वारा भोरा साहिब जैसे ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को आपस में जोड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव को और बेहतर बनाएगी। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक मंजूरियां प्राप्त की जाएंगी। इसके अलावा परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए एक उच्च स्तरीय समिति भी गठित की जाएगी।
शंभू बॉर्डर पर बनेगा 12 करोड़ रुपये का वेलकम गेट
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शंभू बॉर्डर पर बनने वाले भव्य वेलकम गेट की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की फोरलेन सड़क पर लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से यह गेट बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह वेलकम गेट पंजाब की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक वास्तुकला का प्रतीक होगा। गेट का डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि यह आधुनिक सड़क ढांचे के साथ पूरी तरह मेल खाए और राज्य में प्रवेश करने वाले लोगों को पंजाब की पहचान का विशेष अनुभव प्रदान करे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गेट में पत्थर की नक्काशी, जाली डिजाइन, फुलकारी कला और अन्य पारंपरिक कलात्मक तत्वों को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा पंजाब के ‘पंज-आब’ यानी पांच नदियों की धरती होने की पहचान को दर्शाने के लिए गेट के दोनों ओर पांच-पांच गुंबद बनाए जाएंगे।
बैठक में कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस, तरुणप्रीत सिंह सोंद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और पंजाब की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी।
