संगरूर: पंजाब रोडवेज, पनबस व पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्टर वर्कर यूनियन ने एक बार फिर से प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दरअसल, यूनियन की ओर से वीरवार को पंजाब सरकार द्वारा किलोमीटर स्कीम के तहत चलाई जाने वाली बसों के विरोध में बस स्टैंड पर सरकारी बसों का चक्का जाम किया। बस स्टैंड समेत शहर के चौक चौराहों पर बसें लगाकर आवाजाही ठप की गई, लेकिन पुलिस द्वारा समझाए जाने के बाद शहर के चौक चौराहों से बसें हटाकर आम आवाजाई बहाल की गई, लेकिन बस स्टैंड में बसें खड़ी कर दी गई।
यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यूनियन के वफद की ट्रांसपोर्ट मंत्री से जल्द बैठक तय करवाने का प्रयास किया जा रहा है। यूनियन का ऐलान है कि जब तक उनकी बैठक तय करवा कर लिखित भरोसा नहीं दिलाया जाएगा तब तक बसों को चालू नहीं करेंगे। यूनियन के प्रांतीय सचिव शमशेर सिंह ढिल्लों प्रांतीय सीनियर उप प्रधान हरकेश कुमार ने कहा कि प्राइवेट बसों को किलोमीटर स्कीम के तहत विभाग में डालने की पंजाब सरकार द्वारा मंजूरी दी गई है।
इससे साफ होता है कि पंजाब सरकार भी पिछली सरकारों के नक्शे कदम पर चल रही है। पंजाब सरकार दावा करती थी कि कच्चे मुलाजिमों को पक्का किया जाएगा, परंतु सरकार ने शुरुआत में ही आउटसोर्सिंग की भर्ती की जा रही है। सरकार ने अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए रैलियां में सरकारी बसों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार बेसन का निजी इस्तेमाल अपने स्वार्थ के लिए करती रही तो पंजाब के लोगों के लिए आने जाने की सुविधा बिल्कुल खत्म हो जाएगी। उन्होंने ऐलान किया कि अगर सरकार तथा मैनेजमेंट ने किलोमीटर स्कीम तहत बसें चलाने की योजना बंद ना की तो कड़ा संघर्ष किया जाएगा।

