अमृतसरः श्री गुरु रामदास अस्पताल में इलाज के दौरान एक लड़की की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिवार वालों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन करते सड़क जाम कर दी। परिवार का आरोप था कि लड़की की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन उन्हें शव नहीं सौंप रहा था और अलग-अलग बिलों के नाम पर पैसे मांग रहा था। परिवार का दावा था कि अब तक का खर्च 4 लाख रुपए से ज़्यादा बताया जा रहा है।
परिवार के सदस्य अश्वनी कुमार ने बताया कि कृष्णा मोहन नगर की रहने वाली लड़की को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल ने कहा कि सोमवार को ऑपरेशन किया जाएगा और 40,000 से 50,000 रुपए का इंतजाम करने को कहा। उनके अनुसार ऑपरेशन के बाद लड़की की हालत बिगड़ गई, उसे दर्द होने लगा और उसका शरीर सूज गया। परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर सही जानकारी न देने का भी आरोप लगाया।
अश्वनी कुमार ने कहा कि पहले लगभग 1.80 लाख रुपए का बिल दिया गया था, लेकिन बाद में अलग-अलग बिल और अन्य खर्च जोड़ने के बाद 4 लाख रुपए से ज़्यादा की रकम बताई जा रही थी। परिवार ने मांग की कि उनकी बेटी का शव उन्हें बिना किसी और पैसे की मांग के सौंप दी जाए।
अध्यक्ष राजेश मल्होत्रा ने बताया कि 3 को लड़की को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और ऑपरेशन की बात कही गई थी। परिवार ने शव न मिलने और भारी बिल आने के मामले को लेकर धरना दिया। उनके अनुसार, विरोध के बाद डॉक्टरों ने परिवार की बात मान ली और बिना कोई पैसा लिए शव परिजनों को सौंप दी। वहीं गुरु ज्ञान नाथ वाल्मीकि धर्म समाज की पंजाब यूथ विंग के वाइस चेयरमैन भूपिंदर सिंह गिल ने बताया कि संत बाबा नछत्तर नाथ जी के आदेश और समाज के नेताओं की दखल के बाद यह मामला पुलिस प्रशासन के ध्यान में लाया गया।
पुलिस अधिकारी अश्वनी कुमार ने भी बताया कि बिल को लेकर मामला था, जिसे डॉक्टर ने माफ कर दिया है और शव परिजनों को सौंप दिया गया है।