अमृतसरः भारतीय किसान यूनियन एकता संघर्ष कमेटी द्वारा किसान मांगों को लेकर दिए गए रेल रोको आंदोलन के आह्वान को प्रशासन के साथ हुई बैठक के बाद स्थगित कर दिया गया है। किसानों की ओर से बाढ़ और ओलावृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त फसलों का मुआवजा देने सहित पंजाब स्तर की अन्य मांगों को लेकर रेल रोकने की घोषणा की गई थी। इस संबंध में एस.एस.पी. ग्रामीण कंवलप्रीत सिंह चाहल ने बताया कि किसान संगठन की अधिकांश मांगें सिविल प्रशासन से संबंधित थीं। इसलिए डी.आई.जी., डिप्टी कमिश्नर और अन्य सिविल प्रशासन के अधिकारियों द्वारा किसान नेताओं के साथ बैठक की गई।
उन्होंने बताया कि बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और किसानों की मांगों को संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रालयों तक भेज दिया गया है। एस.एस.पी. ने बताया कि ओलावृष्टि और बाढ़ के कारण हुए फसल नुकसान के मुआवजे संबंधी भी कार्रवाई की जा रही है। डी.सी. द्वारा कमेटी बनाई गई है और जिन लाभार्थियों का मुआवजा बकाया है, उनकी सूची तैयार कर ली गई है। उन्होंने कहा कि बकाया मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उनके अनुसार किसानों द्वारा आज से रेल रोको आंदोलन शुरू किया जाना था। इससे दिल्ली-अमृतसर मुख्य रेल मार्ग सहित पंजाब के विभिन्न हिस्सों में रेल यातायात प्रभावित हो सकता था।
हालांकि प्रशासन और किसान नेताओं के बीच हुई बातचीत के बाद यह कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। उधर किसान नेता पलविंदर सिंह माहल ने कहा कि किसानों द्वारा 11 तारीख को दोपहर 12 बजे मानसा में ट्रेनों का चक्का जाम करने का ऐलान किया गया था। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा, ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा और पंजाब स्तर की अन्य मांगों को लेकर संघर्ष किया जाएगा। किसान नेता ने कहा कि इस संघर्ष में 13 से 14 जिलों के किसान और संगठन शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि प्रशासन को 25 तारीख तक का समय दिया गया है। यदि इस अवधि के दौरान चंडीगढ़ में बैठक कर पंजाब स्तर के मसलों का समाधान नहीं किया गया तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।