लुधियानाः पंजाब कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही। अभी गुटबाजी को लेकर विवाद गरमाया हुआ है, वहीं पार्टी के पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के विवादित बयान को लेकर अब मामला गरमा गया है। दरअसल, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने राजा वड़िंग को तरनतारन में पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री दिवंगत बूटा सिंह के खिलाफ कथित टिप्पणी के मामले में 5 दिनों के भीतर गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है। आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना की अध्यक्षता में 31 अगस्त 2026 को हुई सुनवाई के दौरान यह कड़ा रुख अपनाया गया।
दरअसल, राजा वडिंग ने तरनतारन उपचुनाव के दौरान पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री स्वर्गीय बूटा सिंह के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने आज इस मामले की सुनवाई की। पंजाब पुलिस की ओर से डीएसपी हरप्रीत सिंह और डीएसपी (ईओ और साइबर क्राइम) गुलज़ार सिंह पेश हुए। राष्ट्रीय आयोग ने आज सिफारिश की है कि संबंधित अधिकारी कानून के अनुसार इस मामले में शामिल आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने के लिए ज़रूरी कदम उठाएं और की गई कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट 5 दिनों के भीतर आयोग को सौंपें।
जल्द से जल्द जांच पूरी करने के अलावा, आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि सक्षम अदालत में बिना किसी देरी के चार्जशीट दाखिल की जाए। चेयरमैन ने जांच और गिरफ्तारी में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी सिफारिश की है। अगर संबंधित जांच अधिकारी की ओर से ड्यूटी निभाने में कोई लापरवाही पाई जाती है, तो कानून के अनुसार विभागीय कार्रवाई शुरू की जा सकती है। इसके अलावा, पंजाब और दिल्ली में शिकायतकर्ता को सुरक्षा देने की सिफारिश भी की गई है। इस मामले में वडिंग के लिए कानूनी रास्ते खुले हैं और वह आयोग के निर्देशों को अदालत में चुनौती दे सकते हैं।