लुधियानाः सिविल अस्पताल अक्सर चर्चा में रहता है। वहीं एक बार दर्जा चार के कर्मियों को लेकर अस्पताल फिर चर्चा में आ गया, जहां अपनी पत्नी का इलाज कराने आए उद्य कुमार नामक व्यक्ति ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि उससे सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में काम कर रहे दर्जा चार के कर्मचारियों द्वारा डरा-धमका कर 5000 रुपये लिए गए। पीड़ित का कहना है कि वह दशमेश नगर का रहने वाला है और उसने 30 अगस्त को सिविल अस्पताल में पत्नी गीता देवी को इमरजेंसी वार्ड में दाखिल करवाया था। जहां ईलाज के दौरान उसकी पत्नी की मौत हो गई।
पीड़ित ने आरोप लगाए है कि वहां पर कर्मियों द्वारा उसे पत्नी की मौत का पर्चा दर्ज होने को लेकर काफी डराया और धमकाया गया। इस दौरान उसके खिलाफ पर्चा दर्ज ना होने को लेकर 7 हजार रुपए की मांग की गई। लेकिन उसके पास सिर्फ 5 हजार रुपए थे। पीड़ित का आरोप है कि मामले को दबाने के लिए उससे अस्पताल के गेट के पास कैंटीन पर 5 हजार रुपए कर्मियों द्वारा ले लिए गए। वहीं आज दोस्त ने बताया कि कोई कार्रवाई ना होने और शव देने के लिए पैसे लिए गए।
इस दौरान उसे पत्नी का शव नहीं सौंपा गया और कार्रवाई होने के बाद शव सौंपने का कहा जा रहा है। दोस्त ने बताया कि महिला खाना बनाते समय झुलस गई थी और ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पीड़ित ने सीनियर मेडिकल ऑफिसर अकील को लिखित में शिकायत भी दी है। शिकायत में लिखा है कि उससे लिए लिए गए पैसे वापस कराए जाएं और इस मामले में उचित कार्रवाई भी की जाए। दूसरी ओर जब पत्रकारों द्वारा सीनियर मेडिकल ऑफिसर अकील से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें एक शिकायत मिली है, जिसकी वह जांच करेंगे और जांच के बाद जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की जाएंगी।