अमृतसरः शिरोमणि अकाली दल पुनः सुरजीत के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक अजयपाल सिंह मीराकोट की तरफ से मनप्रीत सिंह अय्याली के पार्टी छोड़कर अकाली दल वारिस पंजाब में शामिल होने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी गई है। अजयपाल ने कहा कि जब से ज्ञानी हरप्रीत सिंह को शिरोमणी अकाली दल पुनः सुरजीत का अध्यक्ष बनाया गया था, उसी दिन से ही मनप्रीत अय्याली पार्टी के प्रति गंभीर और संवेदनशील नहीं थे। उन्होंने कहा कि अय्याली पिछले लंबे समय से अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने और निजी अहंकार की पूर्ति में लगे थे, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया है।
अजयपाल ने अकाली दल की महत्ता को स्पष्ट करते हुए कहा कि अकाली दल कोई व्यक्तिगत संस्था नहीं है, बल्कि यह पूरा ‘पंथ’ है। पंथ किसी की निजी जागीर नहीं हो सकती, यह गांवों, शहरों, धार्मिक संस्थानों और पंथ को प्रदान होने वाले लोगों का सोच का मेल है। उन्होंने ईआली पर पार्टी के किस को खराब करने का आरोप भी लगाया और कहा कि ऐसे नेताओं की निजी अहंकार के चलते पहले भी पार्टी में कई मुश्किलें खड़ी हुई हैं। उन्होंने का कि उप-चुनावों के दौरान भी मनप्रीत सिंह अय्याली ने पार्टी मिशनों से दूरी बनाई थी, जिससे साफ जाहिर होता है कि वे पार्टी के हितों के प्रति वफादार नहीं थे।
अजयपाल ने ज्ञान हरप्रीत सिंह की अध्यक्षता की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे एक उच्च-शिक्षित (PhD) और अनुभवी व्यक्ति हैं, जिनको राजनीति की गहरी समझ है, लेकिन वे भ्रष्ट राजनीति से दूर रहते हैं। आगामी 2027 के विधासनभा चुनावों के बारे में बात करते हुए अजयपाल ने भरोसा जताया कि शिरोमणि अकाली दल पुनः सुरजीत पंजाब में मजबूत स्थिति में है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने पंजाब, पंजाबी और राज्य के विकास के लिए हमख्याल पार्टियों के साथ गठजोड़ के द्वार खुले रखे हैं। मीराकोट ने दावा किया कि माजा क्षेत्र के लोग ज्ञानी हरप्रीत सिंह और श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों का सम्मान करते हैं, इसलिए आगामी चुनावों में अकाली दल पुनः सुरजीत के उम्मीदवार बड़ी जीत हासिल करेंगे।
