तरनतारनः जिले में रात तेज आंधी व वर्षा भारी नुकसान किया। करीब एक दर्जन गांवों में पशु घायल हो गए। सड़कों के किनारे व खेतों में विजली के बड़े खंभे, पेड़, व शेड उखड़ गए। आंधी के दौरान लोहे की टीन से संबंधित 40 शेड उखड़कर दूर तक जा गिरे। इस दौरान हादसों में छह जैसे व गाय घायल हुई। गांव सभरा, रत्ता गुदा, मरहाणा, गंडीविंड घत्तल, चूसलेवड़, प्रिंगड़ी, कोट बुड्ढा, मुठियांवाला, खालड़ा मंडी, वीरम, दासूवाल, घरियाला (राड़ियावाली), नभीपुर समेत भिखीविंड व पट्टी सब डिविजन के गांवों में घरों की दीवारें व छतें टूट गई।
कस्वा झब्बाल, ठट्ठा, बाबा बुड्ढा साहिब, खैरदीनके, मन्नण, भोजियां, नौशहरा ढाला, बुर्ज 169, पलासौर, जिओवाला में भी आंधी से किसानों के शेड उखड़ गए। पट्टी शहर से संबंधित चार दुकानों की छतें टूटने से लाखों के नुकसान का अनुमान हैं। विधानसभा हलका खेमकरण के गांव वां तारा सिंह से संबंधित कंबलजीत कौर जेठानी रमनदीप कौर के साथ वुटीक चलाती थी, दोनों के पति विदेश में हैं। एक्टिवा पर भिखीविंड गई। लौटते समय 9 बजे गांव दराजके के समीप आंधी व वर्षों से बिजली की टूटी हुई तारें सड़क पर लटकी हुई थीं। इस क्षेत्र में बिजली की सप्लाई बंद थी।
अंधेरे में एक्टिवा तारों की चपेट में आ गई। इससे स्कूटी चालक कंवलजीत कौर मुंह के बल सड़क पर गिरी। इससे उसकी मौत हो गई और जेठानी रमनदीप घायल हो गईं। आप के ब्लॉक अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह वां ने बताया कि गांव दराजके से वां तारा सिंह तक 8 जगह बिजली की तारें टूटकर सड़क पर गिरीं। उधर, जम्मू कश्मीर-राजस्थान राष्ट्रीय मार्ग स्थित कस्बा हरिके पत्तन क्षेत्र में कई पेड़ टूटकर सड़क व खेतों में रात भर बिजली सप्लाई बाधित होने से लोगों को पेयजल की सप्लाई के लिए परेशान होना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित खेतों में घर बनाकर रहने वाले किसान परिवारों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा।
