लुधियानाः गुरु नानक स्टेडियम में आयोजित डिस्ट्रिक्ट लैवल जूडो टूर्नामेंट में भारी हंगामा देखने को मिला। दरअसल, गोल्ड मेडल के फाइनल मैच के दौरान रेफरी बदलने का विरोध करने पर मारपीट हो गई। पिछले 9 साल से खेल रहे स्टेट मेडलिस्ट गौतम शर्मा का यह अहम मुकाबला था। आरोप है कि मैच के दौरान अचानक रेफरी बदल दिया गया और जो नया रेफरी मैदान में उतारा गया, सामने वाली तरफ से खेल रहा खिलाड़ी उसी का स्टूडेंट था। जब इस फैसले पर आपत्ति जताई गई तो नया रेफरी बदतमीजी पर उतर आया। उसने कोच संजीव के साथ बहस और हाथापाई शुरू कर दी।
जब गौतम के भाई वरुण शर्मा ने बीच-बचाव करते हुए निष्पक्ष खेल की बात कही,तो रेफरी ने सरेआम उसे थप्पड़ जड़ दिया। कोच से हाथापाई की और खिलाड़ी के माथे पर नुकीली चीज से हमला कर दिया, जिससे उसे 2 टांके लगे। मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा बताया जा रहा है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यह विवाद पहले से प्लान किया गया था। कुछ समय पहले जालंधर में हुए टूर्नामेंट में कोच नितिन बातिश (उर्फ जॉनी) द्वारा ओवर-एज बच्चों को खिलाने का मामला सामने आया था। आरोप है कि उसी बात की खुंदक निकालते हुए इस डिस्ट्रिक्ट लेवल टूर्नामेंट में जानबूझकर विवाद खड़ा कर स्टेट मेडलिस्ट खिलाड़ी को निशाना बनाया गया।
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क किया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, टूर्नामेंट आयोजकों ने भी मदद करने के बजाय पल्ला झाड़ते हुए कहा कि जब पुलिस में चले गए हो तो वहीं से कार्रवाई करवाओ। आयोजकों और स्थानीय पुलिस के ढुलमुल रवैये के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस कमिश्नर (CP) ऑफिस पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपी है। परिवार की मांग है कि पुलिस मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करे।
स्टेडियम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाए, जिससे पूरी सच्चाई और हमलावरों की करतूत सबके सामने आ सके। इस मामले में जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, उनका पक्ष जानने के लिए उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनकी तरफ से कॉल रिसीव नहीं किया गया।