बठिंडाः जिले में कांग्रेस कार्यक्रम के दौरान एक बार फिर सासंद चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में नारेबाज़ी हुई। वड़िंग के कहने पर समर्थक ने चन्नी और कांग्रेस जिंदाबाद के नारे लगवाए। वड़िंग यहीं नहीं रुके, उन्होंने समर्थक को कहा कि वह चन्नी को कॉल करे। उन्हें बताए कि मैं कांग्रेस के प्रोग्राम में गड़बड़ करने के लिए आया हूं। चन्नी का नंबर डायल करते ही वड़िंग ने फोन का स्पीकर ऑन कर माइक पर लगा दिया। इस दौरान जब चन्नी ने फोन नहीं उठाया तो राजा वडिंग ने अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा, “अगर चन्नी से बात होती तो वो भी कहते कि कार्यक्रम खराब मत करो।” वहीं वड़िंग ने तंज भरे लहजे में कहा कि इसे मेरा नंबर दे देना, चन्नी बिजी होंगे, मुझे कॉल कर लेना।
कहा जा रहा है कि वड़िंग ने पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल के सामने यह साबित करने की कोशिश की कि चन्नी अपने समर्थकों का फोन नहीं उठाते। वहीं अगर चन्नी फोन उठा लेते या समर्थक से कुछ बात करते तो साफ है कि पूरा मामला कुछ और हो सकता था। हाईकमान के पास ये भी संदेश जा सकता था कि चन्नी ही उन्हें पार्टी के प्रोग्राम को खराब करने के लिए भेज रहे हैं। वहीं कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल के मुक्तसर और बठिंडा दौरे से पहले उनके विरोध में शहर की सड़कों पर पोस्टर और बड़े फ्लेक्स लगे नजर आए। मुक्तसर राजा वड़िंग का गृह जिला है। मुक्तसर में लगे पोस्टरों में भूपेश बघेल को ब्रिटिश शासन के अधिकारी जनरल डायर के रूप में दिखाया गया है और नीचे गो बैक बघेल लिखा गया है।
इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में भी पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टर पर ‘राजा-बघेल हटाओ, कांग्रेस बचाओ’ का नारा लिखा गया है। उधर, प्रदेश कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की 63 हजार वोट से हुई हार वाले बयान पर उनके पिता बलकौर सिंह ने पलटवार किया है। बलकौर ने खुले मंच से कहा कि प्रधान जी बार-बार मेरे बेटे की 63 वोट से मिली हार का जिक्र कर रहे हैं, जबकि उस समय सभी दिग्गज हार गए थे। सिद्धू के अलावा अमृता वड़िंग भी चुनाव हार गई थी। राजा वड़िंग उसका जिक्र क्यों नहीं करते? बलकौर ने कहा कि पंजाब कांग्रेस में बूथ का कार्यकर्ता पहले से मजबूत है। आप आते हैं और जो सामने आया उसकी पीठ पर थापी देकर कह देते हैं कि तू एमएलए है तैयारी कर। एक हलके में चार-चार एमएलए बनाकर पार्टी में गुटबाजी कर दी।
