अमृतसरः कमिश्नरेट पुलिस ने गैंगस्टरों के खिलाफ चल रही अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ मुहिम के तहत कार्रवाई करते हुए कारोबारी को धमकी देने और उसकी दुकान के बाहर फायरिंग करने के मामले में 2 मुख्य शूटरों को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि 1 तारीख की रात पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यवसायी को गैंगस्टरों द्वारा फोन करके धमकियां दी गई हैं और उसके बाद उसकी दुकान के बाहर फायरिंग की गई। हालांकि पीड़ित परिवार ने डर के मारे कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई, पर पुलिस ने खुद इस मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी।
उन्होंने बताया कि डीसीपी इन्वेस्टिगेशन रविंदरपाल सिंह के नेतृत्व में बनाई गई विशेष टीम ने दिन-रात मेहनत करके इस केस को ट्रेस किया और वारदात में शामिल दो मुख्य शूटरों को काबू कर लिया। पुलिस के अनुसार पहला आरोपी साजनप्रीत सिंह (26) को गिरफ्तार करने के लिए जब पुलिस टीम मजीठा इलाके के एक गांव में पहुंची तो उसने पुलिस को देखकर कोठे से छलांग लगा दी, जिस कारण उसके टखने में फ्रैक्चर हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया है। दूसरे आरोपी जशनप्रीत सिंह (19), जिस पर असल फायरिंग करने का आरोप है, पुलिस ने बताया कि जब उसे पूछताछ के लिए ले जाया जा रहा था तो रास्ते में अचानक गाड़ी के ब्रेक लगने के कारण उसने पुलिसकर्मी का सरकारी हथियार छीन लिया और फायरिंग करने की कोशिश की।
इस दौरान पुलिसकर्मी ने बहादुरी से हथियार की नली नीचे कर दी, जिस कारण चली गोली आरोपी की अपनी टांग में लग गई। घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल में दाखिल कराया गया। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी यूरोप में बैठे गैंगस्टरों के संपर्क में थे और पैसों के लालच में ऐसी वारदातें करते थे। उन्होंने कहा कि दोनों का इलाज मुकम्मल होने के बाद पुलिस रिमांड हासिल कर पूछताछ की जाएगी, जिससे सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय अन्य आपराधिक नेटवर्क और लिंक के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने इस कार्रवाई में शामिल पूरी पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि बिना किसी औपचारिक शिकायत के भी पुलिस ने तेजी और पेशेवर ढंग से कार्रवाई करके गंभीर अपराध को सुलझाया है और भविष्य में भी गैंगस्टरों के खिलाफ यह मुहिम इसी तरह जारी रहेगी।

