चंडीगढ़ः पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस में चल रही गुटबाजी के बीच पार्टी को लेकर हाईकमान जल्द खत्म करने में जुट गई है। दरअसल, हाईकमान ने वरिष्ठ नेताओं को एक साथ बैठाकर चुनावी रणनीति पर मंथन की तैयारी की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के साथ पंजाब कांग्रेस के प्रमुख नेताओं की दिल्ली में 19 और 20 अगस्त को अहम बैठक होने की संभावना है। इसी दौरान पंजाब के नेताओं की राहुल गांधी के साथ अलग बैठक की संभावना है।
इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और चुनाव कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष विजय इंदर सिंगला समेत वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं। बैठक में 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ प्रदेश संगठन में चल रहे मतभेदों पर भी चर्चा हो सकती है। 19 अगस्त को प्रस्तावित कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में विभिन्न राज्यों में आगामी चुनावों की रणनीति पर चर्चा होनी है। यह पहली बार होगा जब पंजाब कांग्रेस के विभिन्न गुटों के प्रमुख चेहरे एक साथ राहुल गांधी के सामने होंगे।
ऐसे में प्रदेश संगठन में नेतृत्व, चुनाव समितियों और टिकट वितरण को लेकर चल रही खींचतान पर हाईकमान का रुख स्पष्ट होने की उम्मीद है। खासकर वड़िंग के नेतृत्व को लेकर चन्नी खेमे की नाराजगी और रंधावा-वड़िंग के बीच हालिया मतभेद भी चर्चा में आ सकते हैं। प्रताप सिंह बाजवा ने पिछले सप्ताह राहुल गांधी से पंजाब के करीब 15 विधायकों के साथ बैठक के लिए समय मांगा था।
अब प्रस्तावित दिल्ली बैठक को कांग्रेस की पंजाब इकाई में चल रहे विवाद को सुलझाने की हाईकमान की गंभीर कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल के पंजाब दौरे के दौरान भी संगठनात्मक मतभेद खुलकर सामने आए थे। हाईकमान अब चुनाव से पहले सभी नेताओं को एकजुट कर बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और सामूहिक रणनीति बनाने पर जोर दे सकता है। राहुल गांधी के अगस्त के अंतिम सप्ताह में पंजाब दौरे और श्री हरमंदिर साहिब से चुनावी अभियान की शुरुआत की संभावनाओं के बीच दिल्ली की यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है।

