पटियालाः पक्की नौकरी की मांग को लेकर पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के पटियाला स्थित मुख्यालय के बाहर मृतक कर्मचारियों के आश्रितों का धरना जारी है। मंगलवार को प्रदर्शनकारियों में शामिल कुछ लोग मुख्यालय की छत पर चढ़ गए। इनमें 6 पुरुष, 2 महिलाएं और एक बच्चा शामिल बताए गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन पर धक्केशाही करने के आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि उन्हें समझाकर शांतिपूर्ण ढंग से नीचे उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं। मृतक आश्रित संघर्ष कमेटी के सदस्य पक्की नौकरी की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उन्हें नियुक्ति आदेश नहीं दिए जाते, तब तक वे छत से नीचे नहीं उतरेंगे। दूसरी ओर, पुलिस और PSPCL प्रबंधन के अधिकारी लगातार उनसे बातचीत कर रहे हैं, ताकि मामले का समाधान निकाला जा सके। डीएसपी सिटी-1 संजीव सिंगला ने बताया कि प्रदर्शनकारी सोमवार से आंदोलन कर रहे हैं। कुछ प्रदर्शनकारी PSPCL मुख्यालय की छत पर चढ़ गए और गेट बंद कर लिया, जिससे प्रशासन के अधिकारियों को उन तक पहुंचने में परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को लगातार समझाया जा रहा है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएं और छत से नीचे उतर आएं।
डीएसपी के अनुसार, प्रदर्शनकारी तत्काल नियुक्ति आदेश जारी करने की मांग कर रहे हैं। उन्हें बताया गया है कि उनकी मांगों और प्रस्ताव को लेकर प्रबंधन के साथ बातचीत की जा रही है। हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। डीएसपी संजीव सिंगला ने कहा कि एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस और एसपी सिटी मोहित अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी मामले पर नजर रखे हुए हैं। पुलिस और प्रबंधन की ओर से लगातार बैठकें और बातचीत की जा रही हैं। प्रशासन का प्रयास है कि प्रदर्शनकारियों को समझाकर सुरक्षित नीचे उतारा जाए और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
उन्होंने कहा कि छत पर बैठना जोखिम भरा है। वहां से किसी के गिरने या किसी अन्य अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है। ऐसे में महिलाओं और बच्चे को भी नीचे उतरने के लिए समझाया जा रहा है। डीएसपी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को किसी भी अप्रिय घटना से बचने की सलाह दी गई है। पुलिस प्रशासन बातचीत के माध्यम से मामले को सुलझाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश की जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालना है।
