लुधियानाः शेरपुर कॉलोनी में दिव्या गैस एजेंसी के बाहर हंगामा हुआ। जानकारी के अनुसार, दिव्या एजेंसी के पास स्थित प्लॉट में एजेंसी के वर्करों द्वारा लोगों को सिलेंडर दिए जा रहे थे। इस दौरान कुछ लोगों को सिलेंडर ना मिलने को लेकर रोष पाया गया। हंगामा तब हुआ जब सिलेंडर देने वाला व्यक्ति बिना सिलेंडर दिए ही चले जाने लगा। इस दौरान नाराज लोगों ने डिलीवरी करने वाले व्यक्ति से बहस शुरू कर दी और गुस्से में आकर सिलेंडर डिलीवरी करने वाले ऑटो के शीशों पर ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए, जिससे ऑटो के शीशे भी टूट गए।
मामले की जानकारी देते हुए मोहम्मद साहिल ने बताया कि वह 20 दिन से परेशान हो रहा है और लाइनों में लग रहा है। आरोप है कि उसने 2 बार बुकिंग करवाई और उसे सिलेंडर नहीं दिया गया। जिसके बाद वह एजेंसी के दफ्तर में सिलेंडर लेने के लिए आया तो कहा गया कि सिलेंडर डिलीवर हो गया। पीड़ित ने जब पूछा कि किसे सिलेंडर डिलीवर किया तो स्टाफ कर्मियों ने कहा कि 3 दिन के अंदर आना चाहिए था। पीड़ित ने कहा कि जिस दिन डीएसी नंबर आया और वह उसी दिन दफ्तर आ गया। लेकिन उसे कहा गया कि अभी गाड़ी नहीं आई, जिसके बाद 3 दिन बाद गाड़ी आने के बाद कहा कि डिलीवर हो गया। पीड़ित ने आरोप लगाए है कि वह कॉपी ट्रांसफर करवाने के लिए आया तो स्टाफ कर्मियों द्वारा गैस कॉपी से पेज फाड़कर दे दिया, जिसमें खुद स्टाफ ने सिलेंडर देने के लिए लिखा हुआ था, लेकिन अब वह पेज फाड़ दिया गया है।
पीड़ित ने कहा कि उसका 20 दिन से लाइन में लगने के कारण काफी नुकसान हो रहा है। लोगों के मुताबिक दिव्या एजेंसी का डिलीवरी मैन लोगों को सुबह से ही एजेंसी के नजदीक वाले प्लॉट में बुलाकर सिलेंडर डिलीवर करवाए जाते है। जबकि केंद्र सरकार की ओर से साफ निर्देश जारी किए गए हैं कि सिलेंडर डिलीवरी घरों पर की जाए, इसके बावजूद दिव्या एजेंसी के मालिक और डिलीवरी बॉय लोगों को अपनी जगह पर बुलाकर सिलेंडर बांटते हैं। कई घंटों कतार में लगने के बाद जब लोगों को सिलेंडर नहीं मिले तो गुस्साए लोगों ने गैस डिलीवरी करने वाले ऑटो पर ही हमला कर दिया। जब इस पूरी घटना के बारे में दिव्या एजेंसी के मालिक से पत्रकारों ने बातचीत करने की कोशिश की तो उन्होंने किसी भी बात का जवाब देना उचित नहीं समझा।