अमृतसरः जिले की मछली मंडी के व्यापारियों और दुकानदारों ने प्रशासन और नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ रोष व्यक्त किया। व्यापारियों का आरोप है कि पार्किंग बनाने के नाम पर उनकी दुकानें और रोजी-रोटी को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। मछली मंडी से जुड़े व्यापारियों ने बताया कि वे पीढ़ियों से इस कारोबार से जुड़े हैं और कई सालों से यहां अपना काम कर रहे हैं।
उनका कहना है कि कुछ दिन पहले ठेकेदार और निगम के अधिकारी मौके पर आए और तोड़-फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि मशीनों से कई जगहों को नुकसान पहुंचाया गया। व्यापारियों का कहना है कि अगर प्रशासन मंडी को किसी और जगह शिफ्ट करना चाहता है तो पहले उन्हें ठीक जगह और पर्याप्त समय दिया जाए। उन्होंने कहा कि मछली मंडी से सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है और अचानक कार्रवाई से लोग बेरोजगार हो रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि वे कई बार मेयर और अन्य अधिकारियों से मिलने की कोशिश कर चुके हैं पर हर बार सिर्फ भरोसा ही मिला। उनका कहना है कि आज भी मेयर से मिलने का समय मिलने के बावजूद बातचीत नहीं हो सकी। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द मामला हल नहीं हुआ तो वे धरने और बड़ा संघर्ष करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने सरकार से मांग की कि मछली मंडी के लोगों के साथ न्याय किया जाए और उनकी रोजी-रोटी बचाई जाए।
