फगवाड़ाः पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ समेत फगवाड़ा में वकीलों की ओर से LADC पॉलिसी के विरोध में दो दिवसीय हड़ताल शुरू की गई। फगवाड़ा बार एसोसिएशन के प्रधान रविंदर शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में वकीलों ने धरना देकर इस पॉलिसी का विरोध किया। इस दौरान वकीलों ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पॉलिसी की कड़ी निंदा की। बार एसोसिएशन के प्रधान रविंदर शर्मा सहित अन्य वकील नेताओं ने कहा कि इस हड़ताल को दो दिनों के लिए किया गया है और वे इस संघर्ष का पूरी तरह समर्थन करते हैं।
वकीलों ने माननीय न्यायालय से मांग की कि LADC पॉलिसी को तुरंत वापस लिया जाए, ताकि वकीलों के साथ किसी भी प्रकार की ज्यादती न हो। उन्होंने सभी वकीलों से इस संघर्ष में सहयोग देने की अपील की। इस दौरान बड़ी संख्या में वकील मौजूद रहे और उन्होंने ‘वकील एकता जिंदाबाद’ के नारे लगाए। दरअसल, जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, एलएडीसी प्रणाली को समाप्त करने की मांग को लेकर वकीलों ने न्यायिक कार्य से पूर्ण रूप से विरत रहने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन का कहना है कि राज्य वित्तपोषित इस व्यवस्था को तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए।
वहीं कपूरथला में लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) सिस्टम के विरोध में जिला बार एसोसिएशन कपूरथला का आंदोलन तेज हो गया है। बार एसोसिएशन के 8 वरिष्ठ वकीलों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। इस भूख हड़ताल की शुरुआत अरदास के साथ हुई, जिसका नेतृत्व जिला बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट एस.एस. मल्ली ने किया। बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट एस.एस. मल्ली ने घोषणा की कि LADC सिस्टम के खिलाफ यह संघर्ष पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक इस सिस्टम को वापस नहीं लिया जाता, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। मल्ली ने कहा कि यह आंदोलन वकील समुदाय के अधिकारों की रक्षा और LADC सिस्टम का विरोध करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
