आरोपियों से भारी मात्रा में हथियार व कारतूस बरामद
चंडीगढ़ः पुलिस टीम की ऑपरेशन सेल ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर-राज्यीय अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह नेटवर्क कुख्यात लकी पटियाल-बंभिया गैंग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। इस कार्रवाई में कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और भारी मात्रा में हथियार व कारतूस बरामद किए गए।
बड़ी मात्रा में हथियार बरामद
इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस ने 14 पिस्तौल व 15 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह ट्राई-सिटी में अपराध पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
खुफिया जानकारी के आधार पर चला अभियान
पुलिस को मिली खास खुफिया जानकारी के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में टीमों ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला (ट्राई-सिटी) में एक साथ कई जगहों पर छापेमारी की। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को पकड़ना था, जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से अवैध हथियार खरीदकर अलग-अलग गैंग्स तक पहुंचा रहे थे।
राहुल और मोनू पकड़े गए
14 अप्रैल को पुलिस ने सबसे पहले मनीमाजरा निवासी राहुल उर्फ रैली और मोनू उर्फ कांडू को गिरफ्तार किया। राहुल के पास से 4 हथियार (3 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और 1 देसी कट्टा) और जिंदा कारतूस मिले। मोनू के पास से भी 4 अवैध हथियार और 3 कारतूस बरामद हुए। जांच में सामने आया कि ये दोनों आरोपी हत्या, लूट और रंगदारी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल गैंग्स को हथियार सप्लाई करते थे।
पूछताछ में गैंग से जुड़े संबंधों का खुलासा
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने लकी पटियाल-बंभिया गैंग से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी दी। इसी आधार पर पुलिस ने गोविंद उर्फ गौरव को गिरफ्तार किया, जिसके पास से एक पिस्तौल और कारतूस बरामद हुआ।
मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी
एक अन्य आरोपी मुकेश उर्फ गुल्लू को सेक्टर-25 के पास पुलिस टीम पर गोली चलाने के बाद मुठभेड़ में घायल कर पकड़ा गया। उसे इलाज के लिए सेक्टर-16 के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके पास से .32 बोर की पिस्तौल और कारतूस बरामद हुए।
पूरा नेटवर्क कैसे काम करता था
पुलिस जांच में सामने आया कि यह एक संगठित अंतर-राज्यीय नेटवर्क था, जो गुप्त तरीकों से हथियार खरीदता था। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से सप्लाई लाता था। फिर इन्हें गैंगस्टरों और अपराधियों तक पहुंचाता था।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस ने कहा है कि जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। चंडीगढ़ पुलिस ने साफ किया कि अवैध हथियारों के खिलाफ ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
