मोगाः जिले की मथुरापुरी में रहने वाले मध्यवर्गीय किसान की पंजाब स्टेट डियर लॉटरी बंपर से किस्मत चमक गई। मिली जानकारी के अनुसार किसान चरणजीत सिंह 13 लाख के कर्ज़ से दबा हुआ है। वहीं किसान ने एक ही दिन में दो लॉटरी जीतकर अपनी ज़िंदगी बदल ली। दअरसल, किसान चरणजीत सिंह ने प्रताप रोड स्थित गली लॉटरी स्टाल से पंजाब स्टेट डियर लॉटरी बंपर खरीदा गया था। आज लॉटरी का ईनाम घोषित करते ही किसान चरणजीत सिंह लखपति बन गया और उसकी किस्मत चमक गई। दऱअसल, आज लॉटरी निकलने के दौरान चरणजीत सिंह द्वारा प्रताप रोड स्थित गोली लाटरी स्टाल पर लड्डू और ढोल नगरों के साथ खुशी मनाई गई।
इस संबंध में जानकारी देते हुए चरणजीत सिंह ने बताया कि उसने रविवार को प्रताप रोड स्थित गोली लाटरी स्टाल से हजार रुपए में पंजाबी स्टेटस की लॉटरी खरीदी थी। लॉटरी निकलने का उसे उस समय पता चला जब वह सोमवार को सुबह लाटरी स्टाल पर अपनी टिकट को चेक करवाने के लिए पहुंचा। इस दौरान लाटरी स्टाल के संचालक ने बताया कि उसका ₹50 लाख का इनाम निकला है। जिसको लेकर लाटरी स्टाल के संचालक प्रदीप कुमार गोली समेत अन्य लोगों ने ढोल की ताल पर नाचते हुए, खुशी का इजहार किया। इस दौरान एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर मुंह मीठा करवाते हुए किसान चरणजीत सिंह को बधाई दी गई।
चरणजीत सिंह ने कहा कि उसकी ओर से समय-समय पर अपनी किस्मत आजमाने के लिए लॉटरी डाली जाती रही है लेकिन पहली बार वाहेगुरु की मेहर से उसकी किस्मत चमकी है। चरणजीत सिंह बताया कि उक्त पैसों से वह समाज सेवा के काम करने समेत अपनी जरूरत के अनुसार कामकाज को पूरा करेगा। प्रदीप कुमार गोली ने बताया कि उसने अपने लॉटरी स्टॉकिस्ट भनोट एंटरप्राइज लुधियाना से शिवम एजेंसी द्वारा टिकट खरीदा था जो आगे चरणजीत सिंह को बेचा गया था। प्रदीप कुमार गोली ने बताया कि यह लॉटरी किसी अन्य के लिए रखी की थी, लेकिन वह व्यक्ति लेने के लिए नहीं आया और वह लॉटरी चरणजीत सिंह को दे दी गई थी।
लॉटरी टिकट की वजह से ‘लखपति’ बने चरणजीत सिंह के परिवार में खुशी का माहौल हैं। उनका कहना है कि 17 साल के लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार किस्मत उन पर मेहरबान हुई है। उन्हें अब उम्मीद है कि वे अपना कर्ज़ चुका पाएंगे और बेहतर ज़िंदगी जी सकेंगे। चरणजीत सिंह के चचेरे भाई, शमशेर सिंह मट्टू जोहल ने बताया कि उनके भाई को बचपन से ही बोलने में तकलीफ़ है। इसके बावजूद, चरणजीत सिंह बहुत ईमानदार और नेक इंसान हैं। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं, और वे खेती-बाड़ी करके अपने परिवार का गुज़ारा कर रहे है।

