फिरोज़पुर: जिले में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (प्रेसिडेंट) पद के चुनाव के बाद पार्टी हाईकमान ने बड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाया है। कांग्रेस ने नगर निगम की पार्षद (MC) प्रेम रानी और उनके बेटे मोती (मोंटी) को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इस फैसले के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
पार्टी विरोधी गतिविधियों का लगा आरोप
कांग्रेस हाईकमान का कहना है कि दोनों नेताओं ने प्रेसिडेंट चुनाव के दौरान पार्टी के अनुशासन का पालन नहीं किया। उन पर पार्टी के खिलाफ काम करने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे हैं। इसी वजह से उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया गया।
मोंटी की गतिविधियों पर लंबे समय से थी नजर
जानकारी के अनुसार, मोती उर्फ मोंटी पिछले काफी समय से पार्टी की गतिविधियों से दूर चल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कई ऐसे बयान दिए और कुछ ऐसी गतिविधियों में हिस्सा लिया, जिन्हें कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी के हितों के खिलाफ माना। पार्टी हाईकमान ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का फैसला किया।
मां-बेटे दोनों पर एक साथ गिरी गाज
कांग्रेस ने सिर्फ मोती ही नहीं, बल्कि उनकी मां और मौजूदा कांग्रेस पार्षद प्रेम रानी के खिलाफ भी कार्रवाई की है। पार्टी ने दोनों को अगले छह वर्षों तक कांग्रेस की सदस्यता से निष्कासित कर दिया है।
फिरोज़पुर की राजनीति में बढ़ी हलचल
इस फैसले के बाद फिरोज़पुर की राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। कांग्रेस के इस कदम को पार्टी अनुशासन बनाए रखने की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है। वहीं, अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस कार्रवाई के बाद स्थानीय राजनीति में आगे क्या बदलाव देखने को मिलते हैं।
