लुधियानाः जगराओं में डॉक्टर को लूटने से पहले वारदात को अंजाम देने के लिए लुटेरों ने वॉट्सऐप ग्रुप बनाया था। हैकिंग होने के उद्देश्य से इस गैंग द्वारा बनाया गया यह वॉट्सऐप ग्रुप पुलिस के लिए सारा कुछ अदालत में सजा-ए-तय कराने का बड़ा सबूत बन गया है। एसएसपी डॉ. अंकर गुप्ता ने बताया कि लूट की वारदात का शिकार हुए डॉ. विजय कुमार चोपड़ा की बहू ही इस साजिशकर्ता निकली।
उनके द्वारा पहले से जानी-पहचानी एक नौंजवान जिसकी गिरफ्तारी बाकी है, को इस लूट के लिए तैयार किया गया। जिसने गांव लीला मेघ सिंह की पवनप्रीत कौर उर्फ किरन को इसके लिए तैयार किया, क्योंकि पवनप्रीत कौर खिलाफ पहले भी थाना मोटर और थाना सुहाना में मुकदमे दर्ज हैं। उसने बाकी साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने के लिए प्लानिंग बनाई और वॉट्सऐप ग्रुप बनाया। जिसमें वारदात की प्लानिंग को सिरे चढ़ाने के लिए चैट कर रहे थे।
पवनप्रीत कौर ने अपनी मां बेहंत कौर को दो दिन पहले डॉक्टर के मरीज बना कर रहने के लिए भेजा और वारदात को अंजाम देने के बाद भागने के लिए अपने पिता बलवन्त सिंह को भी शामिल किया ताकि लूट का बड़ा हिस्सा उन्हें मिले। पुलिस के अनुसार लूट का शिकार हुए डॉ. विजय कुमार चोपड़ा की नोह ने उक्त गैंग को डॉक्टर के पास करोड़ों रुपये की नकदी और गहनों का सपना दिखाया था। करोड़पति बनने का सपना लेकर सभी ने इस वारदात को अंजाम दिया लेकिन लूट के समय करीब डेढ़-दो लाख ही मिले।

