पठानकोटः माधोपुर में पिछले साल हैंड बॉक्स के गेट टूटने के कारण पठानकोट के कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई थी। इसके कारण काफी लोगों को नुकसान हुआ था। इन गेटों का आज माधोपुर के एसडीएम राजीव कुमार द्वारा जायजा लिया गया। मौके की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए एसडीएम राजीव कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए 4 फ्लड गेटों के स्थान पर नए गेट स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही, हेडवर्क्स के कुल 54 गेटों की मरम्मत पूरी कर ली गई है, जो अब किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने में सक्षम हैं।
उन्होंने कहा कि जैसा कि आप जानते हैं कि बैराज के गेट पहले मैन्युअल चलते थे लेकिन इस बार हमने इसे पूरी तरह से मोटराइज्ड (स्वचालित) करवा दिया है, यानी अब सारे गेट इलेक्ट्रॉनिक हो चुके हैं। इसकी फाइनल टेस्टिंग चल रही है जो लगभग पूरी होने वाली है। अतिरिक्त सुरक्षा के लिए अपस्ट्रीम में 24 फीट और डाउनस्ट्रीम में 40 फीट के वायर क्रेट्स (लोहे की जाली वाले पत्थर) पूरे बैराज के नीचे और ऊपर दोनों तरफ लगवाए गए है। इसके अलावा जो हमारा हेड रेगुलेटर (पुराना ढांचा) है, वहां भी काम पूरा हो चुका है।
वहां नई वायरिंग, नए कंट्रोल पैनल लगाए गए हैं और गेटों की 2-3 बार टेस्टिंग भी हो चुकी है। अब वे पूरी तरह से काम कर रहे हैं।” इन पुनर्निर्माण और अन्य मरम्मत कार्यों पर लगभग 35 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। यह परियोजना हरियाणा की दयानंद कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा पूरी की गई है। नए फ्लड गेट लगाने के अलावा, हेडवर्क्स परिसर में डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में नदी के लगभग 100 मीटर लंबे और 50 मीटर चौड़े हिस्से को कंक्रीट से मजबूत किया गया है। भविष्य में तेज जल प्रवाह से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए सुरक्षा हेतु पत्थरों के क्रेट भी लगाए गए हैं।
