शिमलाः राजधानी शिमला में शाम ढली-संजौली बाईपास मार्ग पर अचानक पहाड़ी दरकने से बड़ी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया। इस दौरान पहाड़ गिरने से दोनों तरफ से यातायात करीब 2 घंटे बंद रहा। जानकारी के अनुसार लंबीधार में पहाड़ी के दरकने से भारी चट्टानें, एक पेड़ और टनों के हिसाब से मलबा संजौली-ढली बाईपास पर आया। राहत की बात यह रही कि जिस समय लैंडस्लाइड हुआ, उस दौरान सड़क से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर, मलबा और 2 पेड़ सड़क पर गिर गए।
देखते ही देखते मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही रुक गई। घटना की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग कसुम्पटी मंडल की टीम मौके पर पहुंची और मलबा हटाने के लिए मशीनें लगाई गईं। विभाग की ओर से सड़क को जल्द बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने सुरक्षा को देखते हुए ढली-संजौली बाईपास मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जब तक सड़क पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाती, तब तक इस मार्ग का इस्तेमाल करने से बचें। लोगों को यात्रा के लिए वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने और मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
पुलिस के अनुसार भूस्खलन वाले स्थान पर अभी भी पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। इसी वजह से लोगों को घटनास्थल से दूरी बनाए रखने को कहा गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस क्षेत्र में पहले भी कई बार पहाड़ी दरकने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बारिश के मौसम में जमीन में नमी बढ़ने से पहाड़ी कमजोर हो जाती है, जिससे भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। ढली-संजौली बाईपास के आसपास कई बहुमंजिला भवन मौजूद हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि लगातार गिर रहे पत्थरों और पहाड़ी में आ रही दरारों के कारण आसपास रहने वाले लोगों में भी चिंता बढ़ रही है। लोगों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र का तकनीकी निरीक्षण करवाने और सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
