गुरदासपुरः फतेहगढ़ चूड़ियां-संगतपुरा मार्ग पर कोटला गुजरां और संगतपुरा गांवों के बीच रात दर्दनाक सड़क हादसे ने 3 युवकों की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार मवेशियों का व्यापार करने वाले गांव हरदोरवाल कलां के 3 शादीशुदा नौजवानों की तेज रफ्तार कार की भीषण टक्कर में मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल के तीन टुकड़े हो गए और कार उसे करीब 100 मीटर तक घसीटते हुए ले गई। हादसे के बाद कार सवार आरोपी मानवता को तार-तार करते हुए पीड़ितों के मोबाइल फोन और कार के दस्तावेज छीनकर मौके से फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों और राहगीरों अमरीक सिंह और निर्मल सिंह के अनुसार, गांव हरदोरवाल कलां के निवासी प्रदीप सिंह (25), जज मसीह/जगतार सिंह (35) और संदीप सिंह (38 वर्ष) अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर अमृतसर की ओर जा रहे थे।
इसी दौरान सामने से आ रही एक तेज रफ्तार इंडिगो कार (नंबर: PB 18 T 2535) ने उन्हें सीधी टक्कर मार दी। वहीं, पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही। जिससे शव काफी देर तक सड़क पर पड़े रहे। फिल्हाल थाना झंडेर की पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की पहचान के प्रयास शुरू किए हैं। लेकिन, पुलिस के इस रवैये पर लोगों ने नाराजगी व्यक्त की है। हादसा इतना खौफनाक था कि प्रदीप सिंह और जगतार सिंह (जज मसीह) की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल संदीप सिंह को राहगीरों ने तुरंत फतेहगढ़ चूड़ियां के ‘ढींडसा अस्पताल’ में भर्ती कराया, जहां से गंभीर हालत में अमृतसर रेफर करते समय रास्ते में उसने भी दम तोड़ दिया। तीनों मृतक शादीशुदा थे।
घटनास्थल पर पहुंचे ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों अमरीक सिंह ने कार के अंदर का नजारा देखकर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार में दो युवक, एक महिला और एक छोटा बच्चा सवार थे। हादसे के बाद कार में से सिल्वर फॉयल (पन्नी), 10 रुपये का अधजला नोट और कृपाण बरामद हुई है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि कार सवार ‘चिट्टे’ का नशा कर रहे थे। हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने भागते समय घायल युवकों के मोबाइल फोन और गाड़ी के जरूरी कागजात भी छीन लिए और पैदल ही मौके से रफूचक्कर हो गए। कार में महिला की चप्पलें भी छूटी पाई गईं।
हादसे के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद मजीठा, फतेहगढ़ चूड़ियां और झंडेर पुलिस स्टेशनों के बीच ‘इलाका/सीमा विवाद’ शुरू हो गया। लगभग डेढ़ से दो घंटे तक तीनों थानों की पुलिस एक-दूसरे का इलाका बताकर टालमटोल करती रही और तीनों शव सड़क पर पड़े रहे। गांव के सरपंच और सैकड़ों ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर पंजाब सरकार की ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ (SSF) और 112 हेल्पलाइन की देरी पर भारी रोष जताया।
ग्रामीणों का कहना था कि क्या मरने वाला अब यह देखकर मरेगा कि वह मजीठा के इलाके में मर रहा है या झंडेर के? काफी हंगामे और देरी के बाद थाना झंडेर के एसएचओ नरेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसएचओ ने बताया कि मृतकों के पारिवारिक वारिसों के बयानों के आधार पर अज्ञात कार चालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है।