एग्रोफॉरेस्ट्री, भूजल संरक्षण, इकोटूरिज्म पर दिया जाएगा विशेष ध्यान
चंडीगढ़: सूबे में एग्रोफॉरेस्ट्री के माध्यम से पेड़ों के नीचे रकबा बढ़ाना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना और जैव विविधता को सुरक्षित करने के साथ-साथ इसमें वृद्धि करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए पंजाब वन विभाग द्वारा जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (‘जीका’) के साथ सहयोग के लिए पहल की गई है।

‘जीका’ की सहायता से राज्य में पंजाब जैव विविधता एवं प्राकृतिक संसाधन संरक्षण परियोजना लागू करने का प्रस्ताव है। यह जानकारी देते हुए यहां एक बैठक में पंजाब के वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य एग्रोफॉरेस्ट्री को बढ़ावा देना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, जैव विविधता की सुरक्षा, भूजल को बचाना, शिवालिक क्षेत्र में एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन करना है। इसके अलावा किसानों की आय में वृद्धि करना और पराली से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकना तथा ग्रामीण समुदायों की आय में वृद्धि करना भी महत्वपूर्ण पहलू हैं।
इस परियोजना का एक उद्देश्य इकोटूरिज्म को बढ़ावा देना भी है ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। इसके अलावा जैव विविधता का संरक्षण और राज्य के वेटलैंड्स में सुधार करना भी इस परियोजना का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है।इस उद्देश्य के लिए पर्यावरण और वनों की देखभाल के साथ लोगों की आय के लिए कृषि के अलावा पशुपालन को विकसित किया जाएगा। कटारूचक्क ने यह भी