होशियारपुरः टांडा स्थित व्यस्त जालंधर-जम्मू हाईवे के जाजा बाईपास चौक पर व्यक्ति सड़क पर झूमता हुआ दिखाई दिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। करीब डेढ़ मिनट के इस वीडियो में व्यक्ति पूरी तरह लड़खड़ाता रहा और खड़े-खड़े ही सोने का प्रयास करता दिखाई दे रहा है। लोग इसे “ज़ॉम्बी ड्रग” के साथ जोड़ रहे है। राहगीरों द्वारा बनाए गए इस वीडियो में व्यक्ति की हालत देख “ज़ॉम्बी ड्रग” की आशंका जता रहे है। लोगों का कहना है कि दिन-रात ट्रकों और बसों की आवाजाही वाले इस व्यस्त चौक पर, जहां अक्सर पुलिस की गाड़ी भी तैनात रहती है, युवक की ऐसी हालत देखकर स्थानीय लोगों और राहगीरों ने गहरी चिंता और हैरानी जताई है।
इस वायरल वीडियो के संबंध में जब सिविल हॉस्पिटल टांडा के सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) डॉ. करण सैनी से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि मेडिकल नशे की ओवरडोज़ और ‘चिट्टे’ का प्रभाव लगभग एक जैसा होता है। इसमें व्यक्ति का शरीर सुन्न हो जाता है और वह अजीब हरकतें करने लगता है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे, तो शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है, जो कई बार नशेड़ियों की मौत का कारण भी बनती है। डॉ. सैनी ने लोगों से अपील की कि केवल वीडियो बनाने के बजाय युवक की जान बचाने का प्रयास करें। ऐसे मामलों में तुरंत 108 एम्बुलेंस को फोन करें या मरीज को नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।
थाना टांडा के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार नशा विरोधी अभियान मुस्तैदी से चलाया जा रहा है और तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने एक व्यावहारिक चुनौती का जिक्र करते हुए कहा कि कई आरोपी अदालत से जमानत पर रिहा होने के बाद दोबारा नशा बेचने के धंधे में संलिप्त हो जाते हैं। इंस्पेक्टर नागरा के मुताबिक, अकेले पिछले एक वर्ष के दौरान टांडा पुलिस ने लगभग 250 से 300 नशा करने वाले युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिल करवाया है।

