चंडीगढ़ः पंजाब सरकार ने प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों पर एक्शन ले लिया है। दरअसल, अमृतसर में स्कूल की छात्रा की मौत के बाद सीएम मान ने स्कूलों को लेकर नए आदेश जारी किए है। चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए सीएम मान ने कहा कि पहले 3 साल में जिस स्कूल ने 15 फीसदी फीस बढ़ाई है, उन्हें पेरेंट्स को रिफंड करना होगा। सीएम ने कहा कि पहले स्कूल मनमाने ढंग से फीस बढ़ाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इसी के साथ ही स्कूल प्रशासन पेरेंट्स को किसी विशेष दुकान से किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए मजबूर भी नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार कानून लेकर आ रही है, जिसके तहत अब प्राइवेट स्कूल साल में ज्यादा से ज्यादा 5 फीसदी फीस ही बढ़ा पाएंगे।
सीएम मान ने बताया कि इसके लिए सरकार सख्त कानून लेकर आएगी, जो आगामी विधानसभा सत्र में पारित किया जाएगा। यह नियम सभी तरह की फीस पर लागू होगा। कैप्टन सरकार की ओर से लाए गए कानून को कैंसिल करेंगे। फीस न भर पाने की वजह से अमृतसर में 11वीं की छात्रा के सुसाइड के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। सीएम मान ने कहा कि फीस बढ़ोतरी संबंधी जो भी शिकायतें अब तक डीईओ कार्यालय में आई हैं, उनकी जांच की जाएगी। साथ ही यदि कोई खामी पाई जाती है, तो संबंधित स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्कूल किसी एक विशेष दुकान से बच्चों के लिए किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर नहीं कर पाएंगे। उन्हें इससे संबंधित सारी जानकारी पहले साझा करनी होगी। सीएम ने कहा कि हम जो कानून लेकर आ रहे हैं, वह पंजाब में सारे स्कूल, जिसमें नेशनल व इंटरनेशनल स्कूल हैं, उन पर भी लागू होंगे। एक-दो दिनों में इस संबंधी ऑर्डिनेंस आ जाएगा। उसके बाद मानसून सेशन में इस बारे में कानून लाया जाएगा। सीएम ने बताया कि स्कूल अब किसी भी तरीके से बच नहीं पाएंगे। इसके लिए हर साल स्कूलों का ऑडिट करवाया जाएगा।
सीएम ने कहा- हम एक विस्तृत कानून लेकर आ रहे हैं। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। उनकी राय के आधार पर पूरी रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस एक्ट, 2026 के अध्यादेश में संशोधन किया जाएगा। सीएम मान ने कहा कि स्कूलों को मनमर्जी की छूट 2019 में कैप्टन अमरिंदर सिंह वाली सरकार ने दी थी। पहले सिर्फ 8 प्रतिशत तक फीस बढ़ाने की परमिशन थी। इसके बाद इसे सबने बढ़ा लिया। कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद एक स्कूल के मालिक हैं। ऐसे में उन्होंने तय किया था कि स्कूल जितनी मर्जी फीस बढ़ा सकते हैं। हम इस कानून को रद्द कर 5 प्रतिशत कर रहे हैं।
सीएम ने कहा कि अमृतसर की घटना दुखदायी है। वह टेलेंटेड बच्ची थी। इस तरह हम स्कूलों को मनमर्जी नहीं करने देंगे। स्कूल में पढ़ने वाली बच्ची ने सुसाइड कर लिया, क्योंकि स्कूल की तरफ से मनमानी फीस भरने के लिए उस पर दवाब बनाया गया। उसे इस तरह के टॉर्चर गुरजना पड़ा। अफसोस है कि बच्ची स्कूल माफिया की भेंट चढ़ गई। सीएम ने कहा- पिछले 24 घटे में मुझे कई पेरेंट्स व बच्चों के फोन आए हैं। पता चला नो ड्यूस के नाम पर लोगों को परेशान किया जाता है। कहा जाता है कि जब तक बकाया नहीं चुकाएंगे, रोल नंबर नहीं देंगे। कई बार डिग्री न देने की धमकी दी जाती। जिस तरह अमृतसर में बच्ची से हुआ है। क्लास के कोने में खड़ा कर बच्ची को जलालत की जिंदगी जीने को मजबूर किया जाता है। स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
