पठानकोट/अनमोलः देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों में कोरोना के मामलों में काफी ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है। बढ़ते मामलों के बीच अब केंद्र और राज्य सरकार पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई हैं। केंद्र सरकार ने भी राज्यों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारियों की समीक्षा करने की सलाह दी है। इसके चलते सरकारी अस्पतालों की आपातकालीन तैयारियों का आकलन करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल की गई। इसके तहत मंगलवार को सिविल अस्पताल के जिले में सेहत विभाग की कोरोना से निपटने को लेकर तैयारी का भी आंकलन किया गया।
इस मौके पर एंबुलेंस में एक व्यक्ति को कोरोना मरीज बनाकर बैठाया गया और उसे सिविल अस्पताल में बनाए गए आईसोलेशन वार्ड में लाया गया और कोरोना मरीज को एमरजेंसी में मिलने वाली सेहत सेवाओं को प्रैक्टिस की गई। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. अदिति सलारिया ने नेशनल मॉकड्रिल का जायजा लिया। दोपहर साढ़े 12 बजे अस्पताल में पहुंची डा. अदिति सलारिया ने सबसे पहले आईसोलेशन वार्ड चैक किया। जहां कोरोना की तीन लहरो के बाद जिले के सरकारी अस्पताल में पहली बार आईसोलेशन वार्ड में लैवल-3 के मरीजों के लिए बनाए वार्ड में लगाए वेंटिलेटरों को चला कर देखा गया।
जिनमें 2 वेंटिलेटर वर्किग में है। जबकि 7 अन्य वेंटिलेटरो को चलाने के लिए इंजीनियर को निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि बढ़ते कोरोना मामलों से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार हैं और मॉकड्रिल करके एमरजेंसी की स्थिति में तैयारियों को चेक किया गया है।
