चंडीगढ़ः सरकार के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा की मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। हाल ही में सुनाम कोर्ट ने 21 दिसंबर 2023 को अमन अरोड़ा के साथ-साथ उनकी माता परमेश्वरी देवी, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष व संगरूर जिला योजना बोर्ड के पूर्व चेयरमैन राजिंदर सिंह राजा को भी दो-दो साल की कैद और एक-एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। इन तीनों के अलावा सजा पाने वाले एक शख्स की मौत भी हो चुकी है। वहीं इस मामले को लेकर शिरोमणि अकाली दल द्वारा उनकी सदस्यता खत्म करने के लिए विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखने के बाद अब पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट एसचसी अरोड़ा ने पंजाब सरकार को नोटिस भेजा है।
दरअसल, एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने मंत्री अमन अरोड़ा की विधानसभा सदस्यता रद्द करने के लिए सरकार को पत्र लिखा है। उन्होंने अमन अरोड़ा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट द्वारा साल 2013 में लिली थॉमस मामले में दिए गए फैसले के मुताबिक कार्रवाई करने को कहा है। नोटिस की कॉपी पंजाब सरकार के मुख्य सचिव और विधानसभा स्पीकर को भी भेजी है। वरना वह इस मामले में जनहित याचिका दायर करेंगे। एडवोकेट एसची अरोड़ा ने अपने पत्र में कहा है कि अदालत ने अमन अरोड़ा को IPC की धारा 452 के तहत दो साल का कारावास और 323, 148, 149 के तहत एक एक साल की कैद की सजा सुनाई है। वहीं, फैसले पर अभी स्टे भी नहीं लगी है।
ऐसे में लिली थॉमस केस के फैसले के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। एडवोकेट ने बताया है कि फैसले के मुताबिक मंत्री अमन अरोड़ा ने अपनी विधानसभा सदस्यता स्वचालित रूप में खो दी है। वह तब तक मंत्रियों के मंत्रिमंडल की बैठक में भाग लेने के हकदार नहीं हैं, जब तक की अपील में उस फैसले पर रोक नहीं लगा दी जाती है। वह कैबिनेट मंत्री की पावर का प्रयोग करने के अधिकारी नहीं हैं। ऐसे में आप सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक कार्य करें। वरना आप आदेशों की अवमानना के दोषी होंगे।

