नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार 21 जून को फिर से होने वाली नीट यूजी की परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और बिना गड़बड़ी के आयोजित करने के लिए भारतीय वायुसेना की मदद लेने पर विचार कर रही है। पेपर्स को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए IAF की मदद लेने की संभावना पर विचार विमर्श जारी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई एक हाई लेवल बैठक में इस ऑप्शन पर बात की गई है।
मोदी सरकार के इस प्रस्ताव पर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने तंज कसते हुए कहा कि आसंर शीट को परीक्षा केंद्रों से उठाने और उसे OSM सर्वर पर अपलोड करने के लिए नेवी सबमरीन का इस्तेमाल करें।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कसा तंज
शिवसेना की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर नीट संबंधी खबरों को शेयर करते हुए लिखा कि – भारतीय वायु सेना अब एग्जाम के पेपर्स पहुंचाएंगी। ठीक है एक अन्य पोस्ट में लिखा कि – क्रोनोलॉजी समझिए आर्मी प्रिंटिंग सेंटर से नीट एग्जाम पेपर उठाएगी। सेना की बुलेट प्रूफ गाड़ियां उन्हें नजदीकी एयरबेस तक लेकर जाएंगी।
भारतीय वायुसेना इन प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्रों पर तक पहुंचाएगी। पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मंत्रियों और सीनियर अधिकारियों ने इस बात पर चर्चा की कि क्या प्रश्नपत्रों को एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाने के लिए आईएफ के विमानों का इस्तेमाल किया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि हालांकि अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इस ऑप्शन पर अंतिम फैसला लेने के लिए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा जाएगा।
खुद पीएम कर रहे एग्जाम की तैयारियां
रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री 21 जून को दोबारा से होने वाली परीक्षा की तैयारियों की व्यक्तिगत रुप से निगरानी कर रहे हैं और उन्हें परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित हर जानकारी दी जा रही है। गुरुवार को हुई बैठक में परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर ध्यान दिया गया है जिसमें शिक्षकों द्वारा प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए और प्रश्नपत्र छापने से लेकर परिवहन और सुरक्षा व्यवस्था तक सभी मुद्दे शामिल थे।

