बिहार के खगड़िया जिले में शुक्रवार रात जनहित एक्सप्रेस में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। मानसी रेलवे स्टेशन से ट्रेन के रवाना होते ही एक युवक ने खिड़की के पास बैठे यात्री का मोबाइल छीनने की कोशिश की। लेकिन इस बार उसकी चाल काम नहीं आई। यात्री ने तुरंत आरोपी का हाथ पकड़ लिया। आसपास बैठे दूसरे यात्रियों ने भी उसकी मदद की और युवक को भागने नहीं दिया।
करीब 9 किलोमीटर तक ट्रेन के बाहर लटका रहा युवक
मोबाइल छीनने की कोशिश करने वाला युवक चलती ट्रेन की खिड़की के बाहर ही लटक गया। यात्रियों ने उसका हाथ मजबूती से पकड़े रखा, जिसके कारण वह करीब 9 किलोमीटर तक हवा में लटका रहा। ट्रेन जब खगड़िया स्टेशन पहुंची, तब जाकर उसे नीचे उतारा गया। इस दौरान कुछ यात्रियों ने उसे थप्पड़ भी मारे, जबकि आरोपी लगातार हाथ छोड़ देने की गुहार लगाता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर यात्रियों ने उसका हाथ छोड़ दिया होता तो वह चलती ट्रेन से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो सकता था। इसलिए लोगों ने उसे पकड़े भी रखा और गिरने भी नहीं दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में आरोपी डरा हुआ दिखाई देता है और बार-बार खुद को छोड़ देने की अपील करता है। वह कहता है कि उसका हाथ टूट जाएगा और वह चोरी नहीं कर रहा था।
हाथ टूट जाएगा भैया
वायरल वीडियो में युवक कहता सुनाई देता है, “सर, हम चोरी नहीं कर रहे थे। हाथ टूट जाएगा भैया। मुझे पकड़कर चलिए। मैं लखमिनिया का रहने वाला हूं। हम ट्रेन में लोगों को देख रहे थे, मोबाइल नहीं छीन रहे थे। हम ऐसा काम नहीं करते।” वीडियो में वह पहले अपना नाम छोटू यादव बताता है, फिर बाद में पंकज यादव कहता है। साथ ही अपना घर लखमिनिया बताता है।
जांच में निकली पहचान झूठी
जब रेलवे पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की तो उसकी बताई गई पहचान पूरी तरह गलत निकली। पुलिस जांच में सामने आया कि उसका असली नाम बरकत मंसूरी है। वह नवगछिया के मुमताज मोहल्ले का रहने वाला है और पहले भी चोरी व झपटमारी की कई घटनाओं में शामिल रह चुका है।
स्टेशन पहुंचते ही GRP ने लिया हिरासत में
खगड़िया स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। जीआरपी थाना अध्यक्ष मोहम्मद अलादीन ने बताया कि आरोपी की असली पहचान बरकत मंसूरी के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
रेल थाना प्रभारी का आया बयान
मानसी रेल थाना प्रभारी सौरव कुमार ने बताया कि शुरुआत में दूर से देखकर ऐसा लगा कि कोई व्यक्ति चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा है। सुरक्षा के लिहाज से तुरंत ट्रेन की गति कम कराने की सूचना दी गई। लेकिन बाद में पता चला कि वह मोबाइल झपटमार था, जिसे यात्रियों ने पकड़ रखा था।

