पंचकूलाः सेक्टर-5 स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे एसपीएससी अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि देर रात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला अभ्यर्थियों को बलपूर्वक हिरासत में ले लिया। अभ्यर्थियों का दावा है कि इस दौरान महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की, लाठीचार्ज और बदसलूकी की गई। साथ ही उनके मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए, जिससे वे घटना की रिकॉर्डिंग नहीं कर सके।
अभ्यर्थियों के अनुसार वे सेक्टर-5 स्थित धरना स्थल पर शांतिपूर्ण तरीके से आमरण अनशन पर बैठे हुए थे। उनका कहना है कि इसके बावजूद पुलिस ने देर रात कार्रवाई कर धरना समाप्त कराया और कई महिला प्रदर्शनकारियों को घसीटते हुए हिरासत में लिया। अभ्यर्थियों के प्रमुख आरोप देर रात पुलिस ने धरना स्थल पर कार्रवाई की। महिला अभ्यर्थियों को बलपूर्वक हिरासत में लिया गया। लाठीचार्ज और धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप। मोबाइल फोन जब्त करने का भी दावा। वीडियो बनाने का मौका नहीं मिलने की बात कही। ‘लोकतंत्र की हत्या’ बताया प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने पुलिस कार्रवाई को “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया है।
उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने बल प्रयोग का रास्ता अपनाया। अभ्यर्थियों ने इसे ओबीसी वर्ग के छात्रों के साथ अन्याय बताते हुए नाराजगी जताई है। समाज संगठनों से समर्थन की अपील एसपीएससी अभ्यर्थियों ने विभिन्न सामाजिक संगठनों और लोगों से सेक्टर-5 पंचकूला पहुंचकर आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है। उनका कहना है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता। बता दें कि एसपीएससी से जुड़े अभ्यर्थी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले कुछ समय से पंचकूला के सेक्टर-5 में धरना और आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं।
