चंडीगढ़ः पंजाब पुलिस के बर्खास्त AIG राजजीत सिंह हुंदल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामले में वह करीब साढ़े 3 साल से फरार थे। मामला 50 से अधिक NDPS सैंपल फेल होने से जुड़ा है। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में सरेंडर की पेशकश की थी। लेकिन सरेंडर करने से पहले ही इंटेलीजेंस और एएनटीएफ की स्पेशल टीमों द्वारा स्पेशल ऑपरेशन के दौरान राजजीत सिंह की लोकेशन ट्रेस कर उसे अरेस्ट कर लिया।
आरोपी राजजीत सिंह और इंस्पेक्टर कई जगहों पर एक साथ तैनात रहे। साल 2012 से 2017 तक जिन जगहों पर राजजीत सिंह की तैनाती हुई, उसने इंद्रजीत सिंह को भी अपने साथ रखा। इसके लिए राजजीत सिंह सिफारिशी लेटर लिख कर इंद्रजीत की ट्रांसफर करवाता रहा है। दोनों गुरदासपुर, तरनतारन, मोगा और जालंधर एक साथ तैनात रहे हैं।
राजजीत सिंह हुंदल के सरेंडर करने के बाद पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों में असहजता महसूस होनी स्वभाविक है। सर्वविदित है कि राजजीत सिंह पंजाब के कई आला अधिकारियों के काफी करीबी रहे हैं। अगर सारे मामले में निष्पक्ष इनवेस्टीगेशन होती है तो ड्रग-क्रप्शन केसों से जुड़े छिपे हुए राज सामने आएंगे।
दरअसल, साल 2017 में AIG रहे राजजीत के साथी इंस्पेक्टर इंद्रजीत को हथियार व ड्रग्स तस्करी मामले में गिरफ्तार किया गया था। उसके घर की तलाशी में AK-47, 4 किलो हेरोइन, 3 किलो स्मैक और अन्य देसी हथियार बरामद किए गए थे। इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह को नौकरी से बर्खास्त किया गया। इस मामले में राजजीत सिंह पर बर्खास्त इंस्पेक्टर इंद्रजीत का बचाव करने, गलत रिकॉर्ड पेश करने के आरोप है। साथ ही बरामद नशा सामग्री से छेड़छाड़ और इंद्रजीत को प्रमोशन देने के आरोप भी हैं।