चंडीगढ़, 15 जून, 2026: आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के राज्य मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने सोमवार को शिरोमणि अकाली दल और बादल परिवार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जनता का विश्वास खोने और लगातार चुनावी हार झेलने के बाद अब बादल परिवार ने अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बचाने के लिए सिख संस्थाओं को भी राजनीति का मैदान बना लिया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को बदनाम करने के लिए जिस तथाकथित फॉरेंसिक रिपोर्ट का सहारा लिया जा रहा है, वह वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति की पहचान तक साबित नहीं कर पाई है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि सुखबीर सिंह बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा मुख्यमंत्री को बदनाम करने की एक और कोशिश विफल हो गई है।
श्री अकाल तख्त साहिब किसी एक परिवार की जागीर नहीं
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब दुनिया भर के सिखों की सर्वोच्च और सबसे सम्मानित संस्था है, जिसे किसी राजनीतिक दल या परिवार की निजी संपत्ति नहीं समझा जा सकता।
उन्होंने कहा, “श्री अकाल तख्त साहिब पूरे पंथ का है, न कि सुखबीर सिंह बादल या शिरोमणि अकाली दल का। इसे राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल करना दुर्भाग्यपूर्ण है।”
पन्नू ने आरोप लगाया कि अकाली दल और बादल परिवार ने अपनी गिरती राजनीतिक स्थिति को बचाने के लिए धार्मिक संस्थाओं को राजनीतिक विवादों में घसीटना शुरू कर दिया है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट ने पहचान ही स्पष्ट नहीं की
बलतेज पन्नू ने विवादित वीडियो से जुड़ी फॉरेंसिक रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि रिपोर्ट कहीं भी यह नहीं बताती कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति आखिर कौन है।
उन्होंने कहा, “मान लें कि वीडियो AI से नहीं बनाया गया, लेकिन रिपोर्ट यह नहीं बताती कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कौन है। उसकी लंबाई क्या है? क्या वह मुख्यमंत्री भगवंत मान की लंबाई से मेल खाती है? वह होटल का कमरा कौन-सा है जहां गुरु साहिब की तस्वीरें लगी होने का दावा किया जा रहा है? रिपोर्ट इन सवालों का जवाब देने में पूरी तरह विफल रही है।”
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में आम आदमी पार्टी पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने रखेगी।
बेअदबी, कोटकपूरा और बहबल कलां को पंजाब नहीं भूला
पन्नू ने कहा कि अकाली दल के इतिहास में कई ऐसे अध्याय हैं जिन्हें पंजाब आज भी नहीं भूला है।
उन्होंने कहा, “2015 में बरगाड़ी और बुर्ज जवाहर सिंह वाला बेअदबी मामले हुए। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का स्वरूप चोरी हुआ, आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए और बाद में पावन अंग कूड़े के ढेरों में मिले। उस समय सत्ता में बैठे लोग सोते रहे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि जस्टिस जोरा सिंह आयोग की रिपोर्ट दबा दी गई, जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट को कमजोर करने की कोशिश की गई और कोटकपूरा तथा बहबल कलां गोलीकांड से जुड़े सबूतों को खत्म करने के प्रयास किए गए।
CM मान सरकार ने लागू किया बेअदबी के खिलाफ सबसे सख्त कानून
बलतेज पन्नू ने कहा कि बादल परिवार इस बात को पचा नहीं पा रहा कि जिस भगवंत मान को वे लगातार निशाना बनाते रहे, उसी मुख्यमंत्री ने पंजाब में बेअदबी रोकने के लिए सबसे सख्त कानून लागू किया है।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सत्कार कानून में ऐतिहासिक संशोधन किए हैं। अब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने वालों को सख्त सजा का सामना करना पड़ेगा। कानून विधानसभा से पारित होकर लागू हो चुका है।”
विकास के दम पर जनता का विश्वास जीत रही है सरकार
पन्नू ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने पिछले साढ़े चार वर्षों में विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किए हैं।
उन्होंने बताया कि:
- नहरी पानी की पहुंच 21 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत तक पहुंचाई गई।
- किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है।
- परिवारों को 600 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है।
- सड़क सुरक्षा फोर्स को सड़कों पर तैनात किया गया है।
- लोगों को 10 लाख रुपये तक के कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कार्ड उपलब्ध करवाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जालंधर लोकसभा उपचुनाव, गिद्दड़बाहा, डेरा बाबा नानक और अन्य चुनावों में मिली जीतें सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर हैं।
पंजाब के लोग धार्मिक संस्थाओं का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं होने देंगे
अपने बयान के अंत में बलतेज पन्नू ने कहा कि बादल परिवार का यह आखिरी राजनीतिक दांव भी विफल हो चुका है।
उन्होंने कहा, “पंजाब के जागरूक लोग कभी भी धार्मिक और पंथक संस्थाओं का राजनीतिक इस्तेमाल स्वीकार नहीं करेंगे। बादल परिवार की राजनीति अब खत्म हो चुकी है और जनता विकास की राजनीति के साथ खड़ी है।”
पन्नू ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार पंजाब के विकास, सामाजिक सौहार्द और जनहित के एजेंडे पर आगे बढ़ती रहेगी तथा किसी भी राजनीतिक साजिश का जवाब तथ्यों और काम के आधार पर देगी।
