चंडीगढ़ : राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर नशे के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से संस्थान के विद्यार्थियों ने तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों को दर्शाते हुए सामाजिक चेतना जगाई। इसके साथ ही, अगद तंत्र विभाग से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुनीता यादव ने अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे मरीज व उनके परिजनों तथा संस्थान के कर्मचारियों को नशे का सेवन न करने और दूसरों को जागरूक करने की शपथ दिलाई गई। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। परिवार, शैक्षणिक संस्थान, सामाजिक संगठन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों को मिलकर जन जागरूकता अभियान चलाने होंगे, ताकि युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि संस्थान के अगद तंत्र विभाग में नशे के आदी लोगों के उपचार सुविधा उपलब्ध है। आयुर्वेदिक चिकित्सा, परामर्श और जीवनशैली सुधार के माध्यम से मरीजों को नशे की लत से बाहर निकालने का प्रयास किया जाता है। प्रोफेसर प्रह्लाद रघु ने आह्वान किया कि कि नशे की समस्या को छिपाने के बजाय उसे छोड़ने के लिए विशेषज्ञों की सहायता लें और नशामुक्त, स्वस्थ एवं सकारात्मक समाज के निर्माण में अपना योगदान दें, क्योंकि उपचार का उद्देश्य केवल नशा छुड़ाना ही नहीं, बल्कि व्यक्ति को स्वस्थ कर उसे समाज की मुख्य धारा से दोबारा जोड़ना है। अगद तंत्र विभाग से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुनीता ने बताया कि नुक्कड़ नाटक में माध्यम से विद्यार्थियों ने दिखाया कि किस प्रकार नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। नाटक के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

