शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार किसी के सामने नहीं झुकेगी। मुख्यमंत्री ने आज सिरमौर जिला के सराहां में वामन द्वादशी मेले के समापन अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना के लिए हाल ही में हुए समझौते से एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि किशाऊ परियोजना पर कई वर्षों से सहमति नहीं बन पा रही थी।

सुक्खू ने कहा कि प्रदेश की जनता के आशीर्वाद और सहयोग से हुए इस समझौते से राज्य के खजाने की लगभग 3,000 करोड़ रुपये की बचत होगी, जो पूर्व की शर्तों के अनुसार विद्युत परियोजना के निर्माण पर खर्च किए जाने थे। उन्होंने कहा कि परियोजना के शुरू होने के बाद हिमाचल प्रदेश को हर वर्ष लगभग 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मंत्रिमंडल की पहली ही बैठक में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल कर दी थी और भविष्य में और अधिक कर्मचारियों को इसके दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा राज्य में सत्ता में वापस आती है तो वह कर्मचारियों के लिए ओपीएस को बंद कर देगी।

मुख्यमंत्री ने पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में भूमि से संबंधित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि बद्दी-बरोटीवाला क्षेत्र में 5,000 बीघा से अधिक भूमि कम रियायती दरों पर अपने पसंदीदा उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए दी गई।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के लाभार्थियों को वित्तीय सहायता के चेक वितरित किए तथा स्मारिका का विमोचन भी किया। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने क्षेत्र की जनता को लगभग 300 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात मिलने पर बधाई दी।