बंगाणा,( 4 जून) सुशील पंडित: उद्योग विभाग द्वारा मार्केटिंग एवं डिजिटल साक्षरता, ब्रांड निर्माण के लिए डिजिटल उपकरण तथा जेम एवं सीपीपी पोर्टल विषयों पर बंगाणा में आज(वीरवार) को एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रेजिंग एंड एक्सलरेटिंग एमएसएमई परफॉरमेंस (रैम्प) प्रोग्राम के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना, डिजिटल परिवर्तन को प्रोत्साहित करना तथा सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में उनकी भागीदारी को सुदृढ़ करना था। कार्यशाला में 70 से अधिक उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने विभिन्न सत्रों में सक्रिय सहभागिता करते हुए विपणन रणनीतियों, डिजिटल साक्षरता तथा ब्रांड निर्माण के लिए डिजिटल उपकरणों के उपयोग संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। इस दौरान जेम ( गवर्नमेंट ऑफ़ ई-मार्केटप्लेस)और सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट(कोप) पर आयोजित विशेष सत्र में पंजीकरण प्रक्रिया, निविदाओं में भागीदारी तथा सरकारी खरीद के अवसरों के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
बीडीओ बंगाणा के. एल. वर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में उद्योगों के लिए मार्केटिंग, डिजिटल साक्षरता एवं ब्रांड निर्माण हेतु डिजिटल उपकरणों का उपयोग अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। इन तकनीकों के माध्यम से उद्योग अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ा सकते हैं, उत्पादन में वृद्धि कर सकते हैं तथा कार्यकुशलता में सुधार ला सकते हैं। उन्होंने इन आधुनिक साधनों की सहायता से कुटीर एवं लघु उद्योग चरणबद्ध तरीके से विकसित होकर बड़े उद्योगों की तरह अपनी पहचान बना सकते हैं। वर्मा ने आगे कहा कि जेम पोर्टल एमएसएमई, स्वयं सहायता समूहों तथा स्टार्टअप्स के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करता है। इसके माध्यम से उन्हें सत्यापित सरकारी खरीदारों तक सीधी पहुंच, स्थानीय सीमाओं से परे व्यापक बाजार तथा पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी ऑर्डर प्राप्त करने के अवसर मिलते हैं, जिससे उनके व्यवसाय के विस्तार को नई गति मिलती है।
वहीं, मार्केटिंग एवं डिजिटल साक्षरता तथा ब्रांड निर्माण के लिए डिजिटल उपकरण विषय पर विस्तृत सत्र का संचालन प्रदीप कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने उद्यमियों को डिजिटल युग में प्रभावी विपणन रणनीतियों के महत्व से अवगत करवाया कि किस प्रकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, डिजिटल विज्ञापन, ऑनलाइन उपस्थिति, ग्राहक जुड़ाव तथा कंटेंट मार्केटिंग के माध्यम से छोटे एवं मध्यम उद्योग अपनी पहचान को मजबूत बना सकते हैं और नए बाजारों तक पहुंच बना सकते हैं। उन्होंने ब्रांड निर्माण में डिजिटल टूल्स की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आज के प्रतिस्पर्धी माहौल में केवल उत्पाद की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि उसकी प्रभावी प्रस्तुति और डिजिटल दृश्यता भी सफलता का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर अपने उत्पादों और सेवाओं के प्रचार-प्रसार, ग्राहक आधार बढ़ाने तथा व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के व्यावहारिक तरीकों से भी अवगत कराया। उन्होंने विशेष रूप से स्थानीय उद्यमियों को डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग करने तथा बदलती बाजार आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया।
इसके अलावा जेम एवं सीपीपी पोर्टल विषय पर सर्वेश शर्मा ने प्रतिभागियों को जेम पर विक्रेता पंजीकरण, कैटलॉग प्रबंधन, बोली प्रक्रिया, सरकारी खरीद नीतियों तथा विभिन्न सरकारी विभागों के साथ व्यापारिक अवसरों का लाभ उठाने संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान करते हुए जेम पोर्टल पर सफलतापूर्वक कार्य करने के लिए आवश्यक व्यावहारिक सुझाव भी साझा किए। इस अवसर पर अक्षय सिंह, मीनाक्षी ठाकुर तथा आयुष कौशल सहित एनी मौजूद रहे
