लुधियानाः जिले के हरगोबिंद नगर इलाके से गंभीर मामला सामने आया है। जहां स्थित ‘राधा स्वामी क्लीनिक’ (कल्याण अस्पताल) के बाहर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गईं, जब एक पीड़ित परिवार ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिवार का कहना है कि डॉक्टर की लापरवाही की वजह से आज उनके मासूम बच्चे की जान खतरे में पड़ गई है। मौके पर पहुंचे पत्रकारों के साथ बातचीत करते हए पीड़ित परिवार ने रोते हुए बताया कि 4 दिन पहले वे अपने बच्चे को पेट में गैस की समस्या के कारण इस क्लीनिक में लाए थे। आरोप है कि डॉक्टर ने बिना कोई टेस्ट किए ही बच्चे को एंटीबायटिक्स और ग्लूकोज़ की बोतलें चढ़ा दीं।
जब बाद में डॉक्टर के कहने पर बच्चे का अल्ट्रासाउंड कराया गया, तो रिपोर्ट देखकर परिवार के होश उड़ गए। अल्ट्रासाउंड में बच्चे के पेट में भारी मात्रा में पानी पाया गया। दूसरे अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, बिना टेस्ट किए ग्लूकोज़ लगाने के कारण ही बच्चे के पेट में पानी भरा है और अब इसका इलाज भी बहुत महंगा बताया जा रहा है। बच्चे की मां बेबस होकर बस यही गुनगुना रही है कि उसके बच्चे को किसी भी तरह ठीक किया जाए। दूसरी ओर, जब इस पूरे मामले पर क्लीनिक के डॉक्टर से सख्त सवाल-जवाब किए गए, तो डॉक्टर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया।
डॉक्टर का कहना है कि बच्चे को तेज बुखार और संक्रमण की समस्या थी, जिसके कारण उसे ‘मोनोसेफ’ इंजेक्शन लगाया गया था और अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी गई थी। डॉक्टर ने सवाल उठाया कि परिवार 4 दिनों के बाद आज रिपोर्ट लेकर आया है। इन 3-4 दिनों के दौरान परिवार बच्चे को किन-किन अस्पतालों में ले गया, इसकी कोई जानकारी नहीं है। डॉक्टर के मुताबिक बच्चे की हालत को देखते हुए उसे बड़े अस्पताल में भर्ती करवा कर इलाज कराना जरूरी है।
