लाइफस्टइल: आज वर्ल्ड अर्थ डे मनाया जा रहा है। ऐसे में इस मौके पर धरती से अपनी जमीन से किस को प्यार नहीं होता। यदि आप चाहते हैं कि आप हमेशा इस धरती और पर्यावरण की सेवा करें तो आप करियर बनाकर भी कर सकते हैं।
ग्रीन जॉब्स
जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण की बढ़ती चुनौती के कारण दुनिया भर में ग्रीन इकोनॉमी की ओर रुख तेज हो रहा है। ऐसे काम जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की जगह उसे बचाने, ऊर्जा बचाने या साफ ऊर्जा पैदा करने में मदद करते हैं। उन्हें ग्रीन जॉब्स कहते हैं।
2030 तक बढ़ जाएगी नौकरियां
इसी बदलाव के साथ में नौकरी के भी नए मौके खुल रहे हैं। काउंसिल ऑफ एनर्जी एनवायर्नमेंट एंड वाटर की रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक Renewable Energy सेक्टर में करीबन 34 लाख नौकरियां बढ़ेगी।
बढ़ेगी स्किल्ड जॉब्स
ग्रीन हाईड्रोजन मिशन से 6 लाख से ज्यादा स्किल्ड जॉब्स आने का अनुमान है। वहीं इलेक्ट्रिक व्हीकल इकोसिस्टम में 10 मिलियन डायरेक्ट और 50 मिलियन इंडायरेक्टर रोजगार बनने की संभावना है। आंकड़ों के अनुसार, ग्रीन सेक्टर सिर्फ पर्यावरण की जरुरत नहीं। आने वाले दशक का बड़ा रोजगार इंजन भी है। ग्रीन जॉब्स में सोलर पैनल इंस्टॉलर, विंड, टरबाइन टेक्नीशियन, EV सर्विस इंजीनियर, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग टैक्नीशियन, एनवायरमेंटल कंसल्टेंट, सस्टेनेबिलिटी मैनेजर, वेस्ट मैनेजमेंट एक्सपर्ट और ग्रीन बिल्डिंग डिजाइनर जैसे जॉब शामिल हैं।
बता दें कि भारत ही नहीं पूरी दुनिया क्लीन एनर्जी की ओर बढ़ रही है। सरकार की नीतियां विदेशी निवेश और निजी कंपनियों की बढ़ती हुई भागीदारी इस सेक्टर को मजबूती दे रही है। एक्सपर्ट्स का यह मानना है कि आने वाले 10-15 सालों में ग्रीन जॉब्स का दायरा फैल जाएगा। ऐसे में 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद सही दिशा में पढ़ाई और स्किल डेवलपमेंट करने वाले युवाओं के लिए यह शानदार मौका हो सकता है।
