जालंधर : प्रतिबंधित आतंकी संगठन खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) के आतंकी अर्श सिंह डल्ला के हैडलर मनप्रीत सिंह उर्फ पीता और उसके साथी मंदीप सिंह के खिलाफ भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को चार्ज शीट दायर की है। मनप्रीत पीता को पिछले साल एनआईए ने फिलीपींस से ही गिरफ्तार किया था। साथ में उसके भाई मंदीप सिंह उर्फ पीता डिपोर्ट करवाया गया था। बता दें कि दोनों कुछ पहले तक एनआईए के रिमांड पर थे। जिनसे लगातार 10 दिनों तक एनआईए ने पूछताछ की थी। अब उनके खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल गया है। दोनों आरोपी आतंकी अर्श डल्ला के लिंक में है और उसकी गैंग के मेन मेंबर हैं।
आतंकी अर्श डल्ला खुद कनाडा में बैठ कर पंजाब में आतंकी गतिविधियों को पीता के जरिए अंजाम दिलवा रहा था। दोनों डल्ला के आतंक और अपराध सिंडिकेट में युवाओं को भर्ती करने में सक्रिय रूप से शामिल थे। पीता भारत में बड़े पैमाने पर जबरन वसूली, नशा और हथियारों की तस्करी के माध्यम से प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन केटीएफ के लिए धन जुटाता था।
उक्त पैसे को हवाला नेटवर्क के माध्यम से विभिन्न देशों में भेजकर भारत के खिलाफ बड़ी आतंकी साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। दोनों आरोपी पाकिस्तान से भारतीय क्षेत्र में हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी में भी शामिल थे। दायर की गई एनआईए की चार्जशीट में कहा गया है कि केटीएफ के लिए आरोपी भारत में शूटर हायर करने, वारदात को अंजाम देने सहित विभिन्न तरह के चैनलों पर काम करते थे। पीता द्वारा पंजाब सहित अन्य राज्यों में वारदात करने के लिए अलग अलग क्रिमिनल सिंडिकेटों का गठन किया गया था। जोकि आने वाले समय में देश का माहौल खराब करते सकते थे। मगर उससे पहले उन्हें ब्रेक कर दिया गया। पीता ने माना कि वह पैसों की उगाही के लिए पहले व्यक्ति की डीटेल निकालते थे और फिर उसके घर के बाहर फायरिंग करवाकर डराते धमकाते थे। फिर फोन कर पैसों की मांग करते थे।
अर्श डल्ला मुख्यता मोगा का रहने वाला है और अब कनाडा में रहता है। अर्श डल्ला पहले गैंगस्टर गतिविधियों में शामिल रहा और फिर आतंकी बन गया। हाल के दिनों में वह कई गैंगस्टर और आतंक से संबंधित गतिविधियों में शामिल रहा है। 2022 में उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। डल्ला के लिंक पाकिस्तानी तस्करों के साथ भी हैं। इसे लेकर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की खुलासा कर चुकी है।
