सरस्वती एनक्लेवः गुरुग्राम के सरस्वती एनक्लेव इलाके में सुबह-सवेरे एक युवक से चाकू की नोक पर सरेराह लूटपाट हो गई। वारदात सरस्वती एनक्लेव के एफ ब्लॉक स्थित शिव शक्ति मंदिर के पास सुबह करीब 5 बजे अंजाम दी गई। बदमाशों ने पीड़ित को घेरकर तेजधार हथियार के बल पर उसका मोबाइल फोन, नकदी, जरूरी दस्तावेज और बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित युवक ने बताया कि सुबह करीब 5 बजे वह अपने काम के सिलसिले में घर से निकला था। जैसे ही वह सरस्वती एनक्लेव एफ ब्लॉक में शिव शक्ति मंदिर के पास पहुंचा, तभी घात लगाए बैठे 3 बदमाशों ने उसे जबरन रोक लिया।
विरोध करने पर बदमाशों ने चाकू निकाल लिया और युवक की गर्दन पर टिका दिया। जान से मारने की धमकी देकर बदमाशों ने युवक के पास मौजूद उसका कीमती मोबाइल फोन, जेब में रखी नकदी, जरूरी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स और उसका बैग जबरन छीन लिया। वह आरोपियों को भैया-भैया चिल्लाते हुए अपना सामान वापस मांगता रहा, लेकिन वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़ित को वहीं बदहवास हालत में छोड़कर रफूचक्कर हो गए। पूरी वारदात गली में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब वायरल हुआ है।
जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए सेक्टर 10 थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि सुरक्षा कारणों से पीड़ित ने अपना नाम बताने से मना कर दिया। घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सेक्टर 10 थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने जब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो उसमें कुछ युवक वारदात को अंजाम देते हुए साफ नजर आ रहे थे। वीडियो में साफ दिख रहा था कि किस तरह बेखौफ बदमाश सुबह के उजाले में एक राहगीर को घेरकर हथियार के बल पर लूट रहे हैं।
इस फुटेज ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सबसे अहम सुराग दिया। एसएचओ दिलबाग सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अपने खुफिया तंत्र की मदद से आरोपियों की पहचान के प्रयास तेज किए। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात में शामिल तीनों आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन, पैसे और युवक के ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स बरामद कर लिए हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
