चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में नशे की रोकथाम के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ज्वाइंट टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए हैं। हरियाणा विजन-2047 के तहत ‘सेवा’ विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि इन टास्क फोर्स में ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंच, वार्ड सदस्य, बीडीपीओ, एसएचओ और एनजीओ प्रतिनिधि, जबकि शहरी क्षेत्रों में नगर निकाय अधिकारी, वार्ड पार्षद, एसएचओ और एनजीओ शामिल होंगे। ये टीमें नशे की बिक्री वाले स्थानों की पहचान कर नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगी ताकि प्रदेश में नशे के नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ा जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा पीड़ितों के उपचार और पुनर्वास पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने प्रदेश में अधिक नशा मुक्ति एवं रिहैबिलिटेशन सेंटर खोलने, इलाज के बाद कम से कम तीन महीने तक नशा पीड़ितों की निगरानी करने तथा उन्हें कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि हरियाणा में वर्तमान में 119 नशा मुक्ति केंद्र, 29 रिहैबिलिटेशन सेंटर और दो मनोरोग अस्पताल संचालित हैं तथा नशा मुक्ति के बाद मरीजों की निगरानी के लिए ड्रग एडिक्ट मॉनिटरिंग सिस्टम भी विकसित किया गया है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पेंशन योजनाओं, दिव्यांग कल्याण, वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रत्येक जिले में सीनियर सिटीजन क्लब, छात्रवृत्ति योजनाओं और लाडो लक्ष्मी योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पात्र महिलाओं की अन्य सुविधाओं पर लाडो लक्ष्मी योजना का कोई असर नहीं पड़ेगा और इसके लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध है। इसके अलावा सिरसा, डबवाली और ऐलनाबाद में नशा मुक्ति केंद्रों के विस्तार सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
