चंडीगढ़/सोनीपत: हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति आमजन की समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच है और अधिकारियों को शिकायतों का निस्तारण पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को सोनीपत लघु सचिवालय में आयोजित समिति की मासिक बैठक में उन्होंने 16 शिकायतों की सुनवाई की, जिनमें से 9 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष मामलों में अधिकारियों को अगली बैठक से पहले कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान शास्त्री कॉलोनी निवासी सुनीता देवी द्वारा बिजली विभाग की लापरवाही के कारण 71,102 रुपये का गलत बिल भेजे जाने की शिकायत पर शिक्षा मंत्री ने संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता से यह राशि वसूल नहीं की जाएगी क्योंकि इसमें उसकी कोई गलती नहीं है। वहीं, अहमदपुर गांव में सिंचाई के खाल पर कब्जे की शिकायत पर उपायुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित की गई, जबकि स्कूल में कथित गबन और पैतृक संपत्ति हड़पने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच के लिए अलग-अलग समितियां बनाकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा, नगर निगम से एनओसी में आ रही दिक्कत, निजी अस्पताल से जुड़ी शिकायत और गांव निजामपुर माजरा में पेयजल आपूर्ति जैसे मामलों पर भी मंत्री ने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
