जालंधर, ENS: न्यूजीलैंड में वीजा खत्म होने पर घर लौटने की चाह में निकला नौजवान मलेशिया में फंसा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली पहुंचते ही एंबेसी अधिकारियों ने रोक लिया। इस दौरान उसे पहले भारत में 2 दिन एयरपोर्ट पर रखा गया। भारतीय इमिग्रेशन ने एक्सपायर्ड पासपोर्ट का हवाला देकर भारत में प्रवेश देने से मना कर दिया और उसे जबरन मलेशिया भेज दिया। मामले को लेकर नौजवान ने वीडियो जारी की है। दरअसल, 23 वर्षीय नौजवान आकाश जालंधर का रहने वाला है। आकाश ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करके बताया कि वह पिछले 8 दिन से भूखा-प्यासा मलेशिया एयरपोर्ट पर बैठा है।
वह 8 दिनों से मलेशिया के कुआलांपुर एयरपोर्ट पर फंसा है। मैंने 23 अप्रैल को न्यूजीलैंड से इंडिया की फ्लाइट पकड़ी। मैं न्यूजीलैंड पक्का ही छोड़ कर वापस आ रहा था क्योंकि मेरे कागज वहां बने नहीं थे और मेरा कुछ भी सेट नहीं हो रहा था। साथ ही मेरे डैडी की तबीयत बहुत ज्यादा खराब हुई पड़ी थी, जिसके कारण मैंने डिसीजन बनाया कि मैं घर वापस चला जाना है। मैंने 24 अप्रैल को इंडिया पहुंचा। जब मैं 24 अप्रैल को दोपहर में उतरा। आते हुए मैंने न्यूजीलैंड से एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट बना लिया था और मैं उस पर ट्रैवल करके आया। जब मैं इंडिया पहुंचा तो मेरी एंट्री रिफ्यूज कर दी।
मुझे 2 दिन बाद कहा कि तुम्हें न्यूजीलैंड भेजना है वापस। इसके बाद मलेशिया भेज दिया। मुझे जबरदस्ती मलेशिया के प्लेन में बिठाया और मलेशिया उतार दिया। आज मुझे 8 दिन हो गए एयरपोर्ट पर फंसे हुए को। मैं मलेशिया वालों से बात करता हूं, वो कहते हैं अपनी हाई कमीशन से बात कर। मैं हाई कमीशन से बात करता हूं, तो हाई कमीशन वाले फोन पर मुझे कहते हैं कि जाकर न्यूजीलैंड से कागज बनवाकर ला। मैं न्यूजीलैंड से कागज कहां से बनवाकर लाऊं? मेरे पास न्यूजीलैंड में एंट्री करने के लिए वीजा ही नहीं है। मुझे तो समझ नहीं आ रही मैं क्या करूं यार। मेरे घर वालों का बुरा हाल हुआ पड़ा है।
प्लीज मेरी हेल्प करो। नौजवान ने कहा कि मेरा बहुत बुरा हाल हुआ पड़ा है। न मेरे पास ब्लैंकेट (कंबल) है न खाने को पैसे। न मेरा ये सूटकेस दे रहे हैं। प्लीज कोई मेरी हेल्प कर सकता है तो कर दो यार। मुझे यहां से निकाल दो मलेशिया से। मुझे घर जाना है, मेरा बहुत मन करता है घर वालों को मिलने का। भाई जी मुझे मेरे घर वालों से मिला दो। कोई रब्ब का बंदा मुझे मेरे घर वालों से मिला दे, मैं यहां फंसा पड़ा हूं। आकाश एयरपोर्ट के फर्श पर सोने को मजबूर है और भारतीय उच्चायोग से मदद न मिलने के कारण उसकी जान आफत में है। आकाश ने गुहार लगाते हुए कहा कि न्यूजीलैंड का वीजा न होने के कारण वह वहां से नए दस्तावेज नहीं मंगवा सकता। वह पिछले 8 दिनों से एयरपोर्ट पर कैद है और उसे बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा।
