जालंधर, ENS: नगर निगम के कर्मियों द्वारा बीते दिन हड़ताल की गई। जिसके बाद निगम प्रशासन एक्शन मोड में आ गया। निगम ने तहबाजारी ब्रांच में स्ट्रीट वेंडरों से नंबर प्लेट लगाकर फीस वसूली का काम प्राइवेट कंपनी को देने की योजना बनाई थी। इसके विरोध में मुलाजिम संगठनों ने सफाई का काम बंद कर हड़ताल कर दी। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। निगम की गाड़ियां खड़ी कर ट्रैफिक रोका गया, जिससे मेयर की गाड़ी भी दफ्तर में प्रवेश नहीं कर सकी।
हड़ताल के बाद सरकार को रिपोर्ट भेजी गई और रात 10 बजे तहबाजारी ब्रांच के सुपरिंटेंडेंट, इंस्पेक्टर, क्लर्क व सफाई कर्मियों समेत कुल 21 कर्मचारियों का तबादला कर दिया गया। मामले की जानकारी देते हुए मेयर विनीत धीर ने कहा कि इस ब्रांच के सुप्रीम टेंडर मनदीप सिंह, तीन इंस्पेक्टर क्रमशः जानकराज बाहरी, राकेश हंस, नीरज साही तथा जूनियर सहायक ही हितेश नाहर का तबादला किया गया है। बाकी स्टाफ में चार क्लर्क, दो बेलदार, 9 सफ़ाई सेवक शामिल हैं। जारी किए गए तबादले के आदेश पत्र में कुल 21 नाम है। मुलाजिम संगठनों की जायज मांगें मानी जाएंगी। लेकिन निगम में करप्शन को रोकने और कामकाज को तेज करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। निगम जल्द सभी स्ट्रीट वेंडर पर नंबर प्लेट लगाने का काम आउटसोर्स करवाएगा।
आदेश के अनुसार सभी को वीरवार दोपहर 12 बजे तक अमला ब्रांच में रिपोर्ट करना होगा। सुबह 9 बजे शुरू हुई हड़ताल के चलते दोपहर 2 बजे तक सफाई व्यवस्था प्रभावित रही। कर्मचारी कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने, नई भर्ती और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। मेयर वनीत धीर ने कहा कि जायज मांगें मानी जाएंगी, लेकिन भ्रष्टाचार रोकने और कामकाज सुधारने के लिए सख्ती जारी रहेगी। सूत्रों ने बताया कि निगम कार्रवाई के खिलाफ मुलाजिम वीरवार को भी हड़ताल कर सकते हैं।
नगर निगम के अधिकारी और मुलाजिम शाम 5 बजे अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद घरों को लौट चुके थे। मगर दिन में हुई हड़ताल के बाद माहौल गर्मी हुआ था। बागवानी मंत्री, मेयर वनीत धीर तथा अधिकारियों के बीच हुई मीटिंग के बाद मुलाजिमों के प्रदर्शन की पूरी रिपोर्ट सरकार को भेजी गई। इस हड़ताल को तहबाजारी ब्रांच के रेवेन्यू में इजाफे के लिए बनाए गए प्राइवेट कंपनी को नंबर प्लेट लगाने के प्लान के विरोध में माना गया।
