मैकेनिक ने बताए बचने के उपाय
जालंधर, ENS: भारत में E20 पेट्रोल इस समय देश में सबसे चर्चित मुद्दों में से एक बना हुआ है। सरकार इसको देशभर में लागू कर चुकी है। हालांकि, लोग शिकायत कर रहे हैं कि इससे उनकी गाड़ियों में खराबी आ रही है, इंजन खराब हो रहा है और माइलेज कम हो रहा है। लोगों में E20 पेट्रोल की क्वालिटी और इंजन सुरक्षा को लेकर काफी चिंताएं देखी जा रही हैं।
वहीं दूसरी ओर, आज संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में E20 पेट्रोल से इंजनों के खराब होने को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने साफ शब्दों में स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों के इंजनों को नुकसान पहुंचने या उनके पार्ट्स खराब होने का अब तक कोई भी प्रमाणित मामला सामने नहीं आया है। सरकार के पास ऑटोमोबाइल कंपनियों, ऑटो एसोसिएशनों या ग्राहक संगठनों की तरफ से व्यापक स्तर पर इंजन फेल होने या कलपुर्जों के जंग खाने से जुड़ी कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। सरकार का कहना है कि ई20 पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन, आम लोगों में E20 पेट्रोल को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। लोगों में इस तेल को लेकर सबसे बड़ी चिंता गाड़ी की परफॉर्मेंस और माइलेज को लेकर है।
रोजाना आ रही समस्याएं
तल्हण के पास स्थित गुरु रामदास मोटर गैरज के मालिक रुपिंदर सिंह ने बताया कि पेट्रोल में ई-20 इनथोल के कारण टैंक पंप और इजेंक्टर में दिक्कत आ रही है। जिसके कारण ग्राहक काफी परेशान है। रुपिंदर ने कहाकि ग्राहक सुबह जब सुबह गाड़ी को स्टार्ट करता है तो उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दरअसल, न्यू जेनरेशन की सभी गाड़ियों में दिक्कत आ रही है। पहले कार की परेशानी आने पर मैकेनिक को जांच करने के लिए एक से 2 घंटे का समय लग जाता था। लेकिन अब गाड़ियों में आ रही दिक्कत के दौरान ग्राहक की दो ही परेशानियां होती है, जिसमें से एक कार की पिकअप कम है और दूसरा गाड़ी मिसिंग कर रही है। ऐसे में वह तुरंत टैंक वाला पंप खोलकर जांच की जाती है। ऐसे में काफी गाड़ियों में पेट्रोल की दिक्कत आने के कारण लोग परेशान हो रहे है।
गाड़ी खराब होने से बचने के उपाय
ऐसे में इससे बचने के लिए एक्ससी90 1 पेट्रोल इंजन पेट्रोल का इस्तेमाल करने की मैकेनिक द्वारा सलाह दी गई। ऐसे में 100 ऑक्टेन पेट्रोल इस्तेमाल कर सकते है। एक्ससी90 1 पेट्रोल में 5 प्रतिशत इनथोल पाया जाता है। हालांकि 100 ऑक्टेन पेट्रोल काफी महंगा है। मैकेनिक ने कहाकि कारों के साथ बाइक चालकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस बारे में संज्ञान लेने की जरूरत है। दरअसल, देश भर में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ये आ रही समस्याएं
- कार को स्टार्ट करने में बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।
- इंजन मिसफायर और वाइब्रेशन की परेशानी हो रही है। दरअसल, गाड़ी चलाते समय इंजन बीच-बीच में झटका मारता है और कार में असामान्य कंपन महसूस होता है।
- पिकअप और पावर में कमी के कारण गाड़ी की रफ्तार अचानक कम होने लगती है और इंजन अपनी पूरी ताकत नहीं लगा पाता।
- कुछ दूरी तक ठीक-ठाक चलने के बाद कार अचानक सड़क पर ही बंद हो जाती है।
- गाड़ी चलाने का पूरा अनुभव और इंजन की कार्यक्षमता बेहद खराब हो जाती है।
इसलिए सरकार दे रही इथेनॉल पर जोर
भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। पेट्रोल में इथेनॉल (जो गन्ने और अनाज से बनता है) मिलाने से विदेशों पर हमारी निर्भरता कम होगी, देश का पैसा बचेगा, प्रदूषण कम होगा और किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी। सरकार का कहना है कि इसलिए वह इथेनॉल पर जोर दे रही है।
